सैनिक और साधु दोनों समाज-राष्ट्र के सच्चे रक्षक: उपाध्याय श्री वीहसंत सागर जी महाराज, 9 अगस्त को होगी विचार गोष्ठी

लखनऊ। आशियाना में आयोजित जैन समाज के वर्षायोग महोत्सव के अंतर्गत आशियाना दिगंबर जैन मंदिर में विराजमान पूज्य उपाध्याय श्री 108 वीहसंत सागर जी महाराज ने अपने प्रवचन में सैनिक और साधु की भूमिका को समाज और राष्ट्र के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि दोनों ही अपने-अपने दायित्वों के माध्यम से राष्ट्र और समाज की रक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सैनिक देश की सीमाओं की सुरक्षा कर बाहरी आक्रमणकारियों और अराजक तत्वों से राष्ट्र की रक्षा करता है, उसी प्रकार साधु समाज को कुरीतियों, कुसंगतियों और बुरी प्रवृत्तियों से बचाकर उसे सही दिशा प्रदान करते हैं।

उपाध्याय श्री 108 वीहसंत सागर जी महाराज ने कहा कि यदि सैनिक न हों तो देश की सीमाएं असुरक्षित हो जाएंगी और विदेशी शक्तियां तथा असामाजिक तत्व राष्ट्र की शांति एवं व्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं। ठीक इसी प्रकार यदि समाज में साधु-संतों का मार्गदर्शन न मिले तो कुरीतियां, बुरी आदतें और विकृत विचारधाराएं तेजी से फैलने लगेंगी, जिससे परिवारों और समाज में विघटन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने कहा कि साधु-संत सदाचार, संयम और संस्कारों के माध्यम से समाज को नैतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करते हैं तथा स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे मौजूद

अपने प्रवचन के दौरान उपाध्याय श्री ने धर्म, संस्कार और नैतिक मूल्यों के संरक्षण पर विशेष बल देते हुए उपस्थित श्रद्धालुओं से जीवन में संयम, सदाचार और सकारात्मक सोच को अपनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर आदिश कुमार जैन, चंद्रप्रकाश जैन, नलिन राज काजलीवाल, अजय जैन, बृजेश जैन ‘बंटी’, अभिषेक जैन, संजीव जैन, राजेश जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

9 अगस्त को राष्ट्रहित में जैन समाज के योगदान पर होगी विचार गोष्ठी

मीडिया प्रभारी सिद्धार्थ जैन ने बताया कि वर्षायोग महोत्सव की श्रृंखला के तहत आगामी 9 अगस्त (रविवार) को राज लक्ष्मी स्वीट हाउस, आशियाना चौराहा, एलडीए कॉलोनी, कानपुर रोड, लखनऊ में “राष्ट्रहित में जैन समाज का योगदान” विषय पर भव्य विचार गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय सेवाएं दे रहे जैन समाज के चार्टर्ड अकाउंटेंट, चिकित्सक, अधिवक्ता, प्रोफेसर, अभियंता, सरकारी अधिकारी एवं अन्य विशिष्ट जनों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही राष्ट्र निर्माण में जैन समाज की भूमिका और योगदान पर विस्तृत विचार-विमर्श भी होगा।

12 अगस्त को मनाया जाएगा उपाध्याय श्री का अवतरण दिवस

सिद्धार्थ जैन ने बताया कि वर्षायोग महोत्सव के अंतर्गत 12 अगस्त 2026 को पूज्य उपाध्याय श्री 108 वीहसंत सागर जी महाराज का जन्मोत्सव “अवतरण दिवस” के रूप में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर देश के विभिन्न शहरों से सैकड़ों की संख्या में जैन श्रद्धालुओं के लखनऊ पहुंचने की संभावना है। आयोजन को लेकर समाज में विशेष उत्साह का वातावरण है और तैयारियां अंतिम चरण में चल रही हैं।