JPSC परीक्षा विवाद: सोनम वांगचुक की सलाह पर पानी पिया, लेकिन जारी है देवेंद्र महतो का अनशन

JPSC परीक्षा में कथित धांधली के विरोध में देवेंद्र महतो का अनशन जारी है। सोनम वांगचुक की सलाह पर पानी पिया, लेकिन आंदोलन खत्म नहीं हुआ।

JPSC परीक्षा विवाद को लेकर रांची में अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र महतो
JPSC परीक्षा में पारदर्शिता की मांग को लेकर रांची में छात्र नेता देवेंद्र महतो का अनशन जारी।

नई दिल्ली/अमर भारती। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर राजधानी रांची में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्ष परिणाम और ईमानदार नियुक्ति की मांग को लेकर छात्र नेता देवेंद्र महतो पिछले पांच दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इस बीच प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल के माध्यम से उनसे बातचीत कर स्वास्थ्य का ध्यान रखने और कम से कम पानी पीने की सलाह दी। इसके बाद देवेंद्र महतो ने जल ग्रहण किया, लेकिन स्पष्ट किया कि उनका अनशन अभी भी जारी है।

सोनम वांगचुक की सलाह के बाद पिया पानी

देवेंद्र महतो ने बताया कि सोशल मीडिया और कुछ प्लेटफॉर्म पर यह भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं कि उन्होंने अपना अनशन समाप्त कर दिया है। उन्होंने साफ किया कि उन्होंने केवल पानी पीना शुरू किया है, जबकि उनकी भूख हड़ताल पहले की तरह जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार जब तक छात्रों की मांगों को स्वीकार नहीं करती, तब तक उनका आंदोलन खत्म नहीं होगा। साथ ही उन्होंने छात्रों और समर्थकों से आंदोलन को शांतिपूर्ण बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों से बचने की अपील की।

पांचवें दिन बिगड़ी तबीयत

अनशन के पांचवें दिन देवेंद्र महतो की तबीयत कमजोर पड़ने लगी है। उन्होंने बताया कि शरीर में काफी कमजोरी आ गई है, बात करने में परेशानी हो रही है और उठने-बैठने के लिए सहारे की जरूरत पड़ रही है। हालांकि उन्होंने कहा कि मानसिक रूप से वह पूरी तरह मजबूत हैं और छात्रों के अधिकारों की लड़ाई जारी रखेंगे। डॉक्टर लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे हैं। उनके ब्लड प्रेशर में गिरावट दर्ज की गई थी, हालांकि जल ग्रहण करने के बाद स्थिति में कुछ सुधार बताया गया है।

‘आत्महत्या नहीं, सरकार की आत्मा जगानी है’

समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में देवेंद्र महतो ने बताया कि सोनम वांगचुक ने उन्हें समझाया कि जल का त्याग करना आत्महत्या के समान हो सकता है। उन्होंने महात्मा गांधी के अनशन का उदाहरण देते हुए कहा कि गांधी जी भी उपवास के दौरान पानी पीते थे। देवेंद्र महतो ने कहा, “मैं आत्महत्या नहीं करना चाहता। हमारा उद्देश्य सरकार की आत्मा को जगाना है ताकि छात्रों के साथ न्याय हो सके। इसलिए मैंने केवल पानी पीना स्वीकार किया है, लेकिन भूख हड़ताल जारी रहेगी।”

JPSC परीक्षा में धांधली का आरोप

छात्रों का आरोप है कि JPSC की भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की कमी है और चयन प्रक्रिया पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उनका कहना है कि योग्य अभ्यर्थियों को न्याय नहीं मिल रहा है। इसी कारण हजारों छात्र आंदोलन के समर्थन में सामने आए हैं और सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

छात्रों की प्रमुख मांगें

देवेंद्र महतो ने झारखंड सरकार को 16 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा है। इसमें प्रमुख मांगें शामिल हैं-

  • JPSC 2023 और 2025 बैकलॉग भर्ती परीक्षाओं तथा TDPL एजेंसी द्वारा कराई गई विवादित परीक्षाओं को रद्द कर CBI जांच कराई जाए।
  • प्रतियोगी परीक्षाओं का संचालन निजी एजेंसियों के बजाय पूरी तरह सरकारी तंत्र से कराया जाए।
  • भर्ती प्रक्रिया (SOP) और चयन की सभी चरणबद्ध जानकारी विज्ञापन में स्पष्ट रूप से प्रकाशित की जाए।
  • JPSC और JSSC में गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले अध्यक्ष, सदस्य और अधिकारियों की नियुक्ति की जाए।
  • भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाए ताकि योग्य अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके।

सरकार के जवाब का इंतजार

आंदोलन कर रहे छात्रों का कहना है कि उनकी मांगें केवल किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे भर्ती तंत्र में सुधार की आवश्यकता है। उनका दावा है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन और भूख हड़ताल जारी रहेगी। फिलहाल झारखंड सरकार की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जबकि छात्रों का आंदोलन राज्यभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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