भागलपुर में कर्मा-धर्मा पर्व पर दर्दनाक हादसा, छह बच्चों की डूबने से मौत

भागलपुर के अजगैवीनाथ धाम क्षेत्र में कर्मा-धर्मा पर्व पर नारायणपुर बहियार में छह बच्चों की डूबने से मौत हो गई। हादसे से इलाके में मातम है।

भागलपुर के अजगैवीनाथ धाम में छह बच्चों की डूबने से मौत
कर्मा-धर्मा पर्व के दौरान भागलपुर के नारायणपुर बहियार में दर्दनाक हादसा।

डिजिटल डेस्क, भागलपुर। बिहार के भागलपुर जिले के अजगैवीनाथ धाम यानी सुल्तानगंज प्रखंड क्षेत्र में कर्मा-धर्मा पर्व के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। नारायणपुर बहियार में जलमग्न खेत में स्नान करने गए छह बच्चों की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही बिष्णु टोला और आसपास के इलाकों में मातम पसर गया। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, घटना 21 सितंबर 2026 की सुबह हुई।

कर्मा-धर्मा पर्व के स्नान के दौरान हादसा

स्थानीय जानकारी के मुताबिक, कर्मा-धर्मा पर्व को लेकर बच्चे सुबह स्नान और पूजा की तैयारी के लिए नारायणपुर बहियार की ओर गए थे। हाल की बारिश और बढ़े जलस्तर के कारण बहियार के खेतों में पानी जमा था। इसी दौरान स्नान करते समय एक बच्चा गहरे पानी में चला गया।

उसे बचाने की कोशिश में अन्य बच्चे भी पानी में उतर गए। पानी की गहराई और दलदली जमीन का अंदाजा नहीं लग पाने के कारण छह बच्चे एक साथ गहरे पानी में समा गए। स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, हादसा जलमग्न खेत के गहरे हिस्से में हुआ।

छह बच्चों की हुई मौत

हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों की पहचान बिष्णु टोला निवासी पूजा कुमारी (13), राहुल कुमार (14), विकास कुमार (13), आयुष कुमार (12), मीनाक्षी कुमारी उर्फ मिनकी (12) और रंचडीदीपुर निवासी ज्योति कुमारी (14) के रूप में हुई है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार मृतकों की उम्र 12 से 14 वर्ष के बीच थी। बताया गया है कि मृतकों में पांच बच्चे नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 27 स्थित बिष्णु टोला के रहने वाले थे, जबकि एक बच्ची रंचडीदीपुर की निवासी थी।

ग्रामीणों ने पानी से निकाला, सीएचसी में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन घटनास्थल की ओर दौड़े। स्थानीय तैराक युवकों ने पानी में उतरकर बच्चों की तलाश शुरू की और कड़ी मशक्कत के बाद सभी छह बच्चों को बाहर निकाला।

इसके बाद ग्रामीण और परिजन बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद सभी छह बच्चों को मृत घोषित कर दिया। बच्चों की मौत की खबर सामने आते ही अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

छह घरों में पसरा मातम

एक साथ छह बच्चों की मौत से बिष्णु टोला सहित आसपास के ग्रामीण इलाके में शोक का माहौल है। कर्मा-धर्मा पर्व की तैयारियों के बीच हुए इस हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। परिजनों का करुण क्रंदन और गांव में पसरा सन्नाटा हादसे की भयावहता को बयां कर रहा है। स्थानीय लोग घटना से स्तब्ध हैं।

पुलिस और प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। हादसे से जुड़े आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। भागलपुर में हाल के दिनों में जलभराव और डूबने की घटनाओं के बीच यह हादसा एक बार फिर जलमग्न क्षेत्रों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि, इस घटना के संबंध में प्रशासन की ओर से आगे की जांच और आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।

हादसे ने फिर उठाया सुरक्षा का सवाल

बारिश और बाढ़ के दौरान खेतों, पोखरों तथा अन्य जलमग्न इलाकों में पानी की वास्तविक गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे स्थानों पर बच्चों का बिना निगरानी जाना जोखिम भरा हो सकता है। भागलपुर की इस घटना में छह बच्चों की जान चली गई। ऐसे में स्थानीय स्तर पर जलमग्न क्षेत्रों की पहचान, लोगों को सतर्क करने और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था जैसे कदमों की जरूरत पर फिर चर्चा शुरू हो गई है। कर्मा-धर्मा पर्व के दिन हुई यह घटना छह परिवारों के लिए कभी न भूल पाने वाला दुख बन गई। एक साथ छह बच्चों की मौत ने पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो दिया है।

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