
मुरादाबाद। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत उत्तर प्रदेश में कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन और सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा समेत विभिन्न मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। इस संबंध में कर्मचारियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया।
एनएचएम यूनियन मुरादाबाद के कार्यकारी जिला महामंत्री विपिन चंद्र भट्ट ने कहा कि प्रदेश में एक लाख से अधिक संविदा कर्मचारी पिछले 15 से 18 वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान भी संविदा कर्मचारियों ने जोखिम उठाकर स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं देने के बावजूद उनके नियमितीकरण और सामाजिक सुरक्षा को लेकर अब तक अपेक्षित निर्णय नहीं लिया गया है। संगठन ने एनएचएम संविदा कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग में नियमित करने की मांग प्रमुखता से उठाई है। नियमितीकरण होने तक समान कार्य के लिए समान वेतन देने और वर्तमान मानदेय में वृद्धि की भी मांग की गई है।
कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा और ग्रेच्युटी की मांग
संगठन ने कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए कम से कम 10 लाख रुपये का कैशलेस चिकित्सा सुविधा कवर यानी फैमिली फ्लोटर की मांग की है। इसके साथ ही ग्रेच्युटी का लाभ देने, रिक्त पदों पर अंतर-जनपदीय स्थानांतरण नीति बहाल करने और सेवाकाल में कर्मचारी की मृत्यु होने पर आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति देने की स्पष्ट नीति बनाने की मांग की गई है।
आउटसोर्स कर्मियों के समायोजन की मांग
एनएचएम यूनियन ने जिला और ब्लॉक स्तर पर कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों, जिनमें डाटा ऑपरेटर और कोविड-19 कर्मचारी भी शामिल हैं, को जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित करने की मांग की है। संगठन ने स्वास्थ्य विभाग की नियमित भर्तियों में एनएचएम संविदा कर्मचारियों के लिए कम से कम 25 प्रतिशत कोटा निर्धारित करने की मांग भी रखी है।
24 सितंबर तक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन
संगठन के अनुसार शासन को ज्ञापन भेजे जाने के बाद यदि 24 सितंबर 2026 तक सकारात्मक कार्रवाई या सार्थक वार्ता नहीं होती है तो कर्मचारी चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे।
5, 6 और 7 अक्टूबर 2026: कर्मचारी काला फीता बांधकर कार्य करते हुए सांकेतिक विरोध करेंगे।
8, 9 और 10 अक्टूबर 2026: कर्मचारी जनपद मुख्यालयों पर एकत्र होकर शांतिपूर्ण कार्य बहिष्कार/कार्यविराम करेंगे।
एनएचएम संविदा कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं और सरकार से अपेक्षा है कि स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे संविदा कर्मचारियों के हित में जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।