PM Modi ने फ्लाईदुबई पायलट कैप्टन Smit Machhar से बात की। जानिए 174 यात्रियों वाली उड़ान में संकट के दौरान उन्होंने कैसे अहम भूमिका निभाई।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन Smit Machhar से फोन पर बात कर उनका हालचाल जाना और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में अचानक पैदा हुए गंभीर संकट के दौरान कैप्टन स्मित मछार घायल हो गए थे। इसके बावजूद उन्होंने स्थिति को संभालने में अहम भूमिका निभाई। विमान में कुल 174 लोग सवार थे और बाद में विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया।
फ्लाईदुबई विमान में आखिर हुआ क्या था?
फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान कॉकपिट में गंभीर स्थिति पैदा हो गई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, सह-पायलट ने कैप्टन Smit Machhar पर हमला किया, जिसमें वह घायल हो गए। इसी दौरान विमान तेजी से नीचे आने लगा। स्थिति बेहद गंभीर होने के बावजूद कैप्टन मछार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, जिससे यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को अंदर पहुंचने और स्थिति संभालने का अवसर मिला।
रिपोर्टों के मुताबिक, विमान कुछ ही समय में हजारों फीट नीचे आ गया था। कैप्टन की कार्रवाई के बाद विमान में मौजूद अन्य पायलटों ने नियंत्रण संभाला और विमान को सऊदी अरब के तबुक में आपातकालीन रूप से उतारा गया। विमान में सवार सभी 174 लोगों की जान बच गई।
घायल होने के बाद भी नहीं छोड़ा हौसला
इस पूरे घटनाक्रम में कैप्टन Smit Machhar की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने विमान में मौजूद यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे बातचीत के दौरान उनके साहस और सूझबूझ की सराहना की।
प्रधानमंत्री से बातचीत में कैप्टन स्मित ने घटना के दौरान सामने आई चुनौतियों और अपने अनुभव को साझा किया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने बताया कि उस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता विमान में सवार लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
कैप्टन मछार की बहादुरी की चर्चा भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हो रही है। प्रधानमंत्री मोदी के अलावा इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी उनके साहस की सराहना की है।
तबुक में हुई विमान की सुरक्षित लैंडिंग
विमान की स्थिति संभालने के बाद उसे सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया। घटना के बाद कैप्टन Smit Machhar का इलाज जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई गई है। भारतीय अधिकारियों की ओर से भी उनके और उनके परिवार को सहायता उपलब्ध कराए जाने की जानकारी सामने आई है।
यह घटना एक बार फिर बताती है कि विमान संचालन में पायलट की सूझबूझ और संकट के समय सही फैसला कितना महत्वपूर्ण होता है। कैप्टन स्मित मछार ने जिस परिस्थिति में काम किया, वह सामान्य उड़ान से बिल्कुल अलग और बेहद चुनौतीपूर्ण थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने की कैप्टन की सराहना
प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन स्मित मछार की कार्रवाई की सराहना करते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। कैप्टन की कहानी अब देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई है। 174 लोगों से भरे विमान में संकट के बीच उनकी कार्रवाई और उसके बाद विमान की सुरक्षित लैंडिंग ने एक बड़े संभावित हादसे को टालने में भूमिका निभाई। कैप्टन Smit Machhar का साहस और संकट के समय लिया गया फैसला अब विमानन जगत के साथ-साथ आम लोगों के बीच भी चर्चा का विषय है।
यहां भी पढ़ें-