SIR विवाद पर फिर घमासान, दिल्ली में Protest से पहले बड़ी संख्या में हिरासत

SIR विवाद को लेकर दिल्ली में विरोध Protest तेज हुआ। Jantar Mantar के आसपास 700 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिए जाने की रिपोर्ट सामने आई।

दिल्ली के Jantar Mantar क्षेत्र में SIR और चुनाव आयोग को लेकर प्रदर्शन करते राजनीतिक कार्यकर्ता और समर्थक।
दिल्ली के Jantar Mantar क्षेत्र में SIR और चुनाव आयोग को लेकर प्रदर्शन करते राजनीतिक कार्यकर्ता और समर्थक।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चुनावी मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर दिल्ली में राजनीतिक और सामाजिक विरोध लगातार तेज हो रहा है। 2 अक्टूबर को Jantar Mantar और आसपास के इलाकों में Protest के दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। अलग-अलग रिपोर्टों में हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या 500 से 700 से अधिक बताई गई है। इनमें विपक्षी दलों के नेताओं, कार्यकर्ताओं और छात्र संगठनों से जुड़े लोग शामिल थे।

प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को रोकने की मांग शामिल रही। आम आदमी पार्टी, वामपंथी संगठनों, कांग्रेस से जुड़े युवा एवं छात्र संगठनों और अन्य समूहों ने विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। Indian Express के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने Jantar Mantar और आसपास के स्थानों से 500 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया था।

विपक्ष का SIR प्रक्रिया पर सवाल

SIR यानी Special Intensive Revision का उद्देश्य मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण करना है। Election Commission के नागरिक सेवा पोर्टल पर 2026 SIR से जुड़े Enumeration Form, मतदाता सूची में नाम खोजने, Form 6 के जरिए नए मतदाता पंजीकरण और अपील जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

विपक्षी दल और प्रदर्शनकारी (Protest) इस प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग आपत्तियां उठा रहे हैं। उनका कहना है कि प्रक्रिया के दौरान वास्तविक मतदाताओं के नाम प्रभावित होने की आशंका है और दस्तावेजों तथा सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर आम मतदाताओं को परेशानी हो सकती है। ये राजनीतिक दलों और प्रदर्शनकारियों के आरोप हैं; इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

चुनाव आयोग की भूमिका पर बढ़ी बहस

SIR विवाद के केंद्र में चुनाव आयोग की भूमिका भी आ गई है। Election Commission की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार Gyanesh Kumar वर्तमान में Chief Election Commissioner हैं, जबकि Sukhbir Singh Sandhu और Vivek Joshi Election Commissioners हैं।

विरोध Protest में CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग प्रमुख रही। वहीं आयोग की ओर से मतदाता सूची पुनरीक्षण से संबंधित प्रक्रिया और ऑनलाइन सेवाएं जारी हैं। आधिकारिक पोर्टल पर मतदाता अपने नाम की स्थिति देखने, Enumeration Form भरने और जरूरत पड़ने पर अपील करने जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं।

दिल्ली में सुरक्षा बढ़ी, मेट्रो सेवाओं पर भी असर

2 अक्टूबर के Protest के दौरान मध्य दिल्ली के कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई। Economic Times की रिपोर्ट के अनुसार Rajiv Chowk, Central Secretariat, Patel Chowk और Jantar Mantar समेत कुछ मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ।

प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस और राजनीतिक संगठनों के बीच टकराव की स्थिति बनी। कुछ प्रदर्शनकारियों ने हिरासत को लेकर आपत्ति जताई और विरोध जारी रखने की बात कही। AISA नेता Neha Bora ने भी हिरासत के बाद प्रदर्शन दोबारा जारी रखने का आह्वान किया।

SIR विवाद अब किस दिशा में?

SIR को लेकर राजनीतिक बहस फिलहाल खत्म होती नजर नहीं आ रही है। एक तरफ चुनाव आयोग (Protest) मतदाता सूची को अपडेट और सत्यापित करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है, तो दूसरी ओर विपक्षी दल इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

ऐसे में आम मतदाताओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वे अपने नाम की स्थिति आधिकारिक Election Commission पोर्टल पर जांचें और किसी भी आपत्ति या सुधार के लिए आयोग द्वारा उपलब्ध कराए गए निर्धारित माध्यमों का इस्तेमाल करें।

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