Russia के इरकुत्स्क में लैब टेक्नीशियन की मौत के बाद प्लेग की आशंका से स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। कई अस्पतालों में क्वारंटीन और निगरानी बढ़ाई गई।

नई दिल्ली/अमर भारती। Russia के साइबेरियाई क्षेत्र इरकुत्स्क में एक लैब टेक्नीशियन की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग में सतर्कता बढ़ गई है। 28 वर्षीय दारिया शिपिलोवा शेलेखोव स्थित एंटी-प्लेग इंस्टीट्यूट में काम करती थीं। उनकी मौत के बाद कुछ अस्पतालों में क्वारंटीन जैसी एहतियाती व्यवस्था लागू किए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक करीब 197 लोगों को निगरानी या क्वारंटीन में रखा गया है।
हालांकि इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि दारिया शिपिलोवा की मौत को आधिकारिक तौर पर प्लेग से हुई मौत घोषित नहीं किया गया है। रूस की स्वास्थ्य निगरानी एजेंसी Rospotrebnadzor ने कहा है कि क्षेत्र में महामारी विज्ञान की स्थिति स्थिर है। एजेंसी के अनुसार विशेष एहतियाती उपाय किए गए हैं और मृतका के शरीर में उसके पेशे से जुड़े सूक्ष्मजीव नहीं पाए गए।
टेस्ट ट्यूब टूटने की रिपोर्ट ने बढ़ाई आशंका
स्थानीय मीडिया में ऐसी रिपोर्टें सामने आई हैं कि सैंपल टेस्टिंग के दौरान एक टेस्ट ट्यूब टूट गई थी, जिसमें कथित तौर पर जीवित बैक्टीरिया मौजूद थे। इसी घटना को संभावित संक्रमण से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि महिला को निमोनिया जैसे लक्षणों के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया था और बाद में उनकी मौत हो गई। शेलेखोव जिला अस्पताल के इनडोर विभाग को क्वारंटीन किए जाने की पुष्टि स्थानीय प्रशासन की ओर से हुई थी।
कई अस्पतालों में एहतियाती कदम
रिपोर्टों के अनुसार इरकुत्स्क के कई अस्पतालों में अस्थायी क्वारंटीन व्यवस्था लागू की गई। इनमें City Clinical Hospitals No. 1, 3 और 10 तथा Ivano-Matreninskaya Children’s Hospital शामिल बताए गए हैं। एक स्थानीय रिपोर्ट में एक प्रसूति अस्पताल में भी क्वारंटीन व्यवस्था की बात कही गई।
इसके अलावा शेलेखोव स्थित इरकुत्स्क एल्युमिनियम प्लांट में भी मास्क को अनिवार्य किए जाने की जानकारी सामने आई। इसे एहतियाती कदम बताया गया।
फिलहाल आधिकारिक स्थिति क्या है?
Rospotrebnadzor ने स्थिति को स्थिर बताया है। इसलिए फिलहाल इसे रूस में प्लेग फैलने की पुष्टि के तौर पर पेश करना सही नहीं होगा। मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि मृतका एंटी-प्लेग संस्थान में काम करती थीं और इसी वजह से संभावित संक्रमण को लेकर विशेष सावधानी बरती जा रही है।
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