भारत-स्विट्जरलैंड द्विपक्षीय वार्ता: 6 प्रमुख क्षेत्रों और क्षेत्रीय-वैश्विक मुद्दों पर चर्चा

भारत-स्विट्जरलैंड द्विपक्षीय वार्ता: व्यापार एवं निवेश, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार, मोबिलिटी, संस्कृति, और लोगों के बीच संपर्क

भारत-स्विट्जरलैंड द्विपक्षीय वार्ता: PM मोदी और गाइ परमेलिन की मुलाकात हैदराबाद हाउस में
भारत-स्विट्जरलैंड द्विपक्षीय वार्ता: हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्विस राष्ट्रपति गाइ परमेलिन।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ परमेलिन ने सोमवार को नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें भारत और स्विट्जरलैंड के बीच साझेदारी को मजबूत करने और सहयोग के नए क्षेत्रों पर चर्चा हुई।

गाइ परमेलिन की भारत यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब दोनों देश व्यापार, निवेश और व्यापक द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। इससे पहले भी प्रधानमंत्री मोदी और स्विस राष्ट्रपति के बीच उच्चस्तरीय बातचीत हो चुकी है।

हैदराबाद हाउस में PM मोदी और गाइ परमेलिन की मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति गाइ परमेलिन का स्वागत किया। इसके बाद दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय बातचीत की। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, वार्ता का मुख्य उद्देश्य भारत और स्विट्जरलैंड की साझेदारी को और मजबूत करना तथा सहयोग के नए क्षेत्रों की संभावनाएं तलाशना था।

स्विस राष्ट्रपति की यह भारत यात्रा उच्चस्तरीय संपर्क के लिहाज से महत्वपूर्ण है। दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने को लेकर लगातार बातचीत होती रही है।

भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों को आगे बढ़ाने पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी और गाइ परमेलिन की बातचीत में भारत-स्विट्जरलैंड साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया गया। दोनों देशों के बीच संबंधों का दायरा व्यापार और निवेश से लेकर विज्ञान, तकनीक, नवाचार और लोगों के बीच संपर्क तक फैला हुआ है।

फरवरी 2026 में भी प्रधानमंत्री मोदी और गाइ परमेलिन की मुलाकात हुई थी। उस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और स्विट्जरलैंड के बीच मैत्रीपूर्ण और बहुआयामी संबंधों की समीक्षा की थी। बातचीत में व्यापार और निवेश, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, नवाचार, कौशल विकास, सांस्कृतिक आदान-प्रदान तथा लोगों के बीच संबंधों सहित द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई थी।

इससे साफ है कि भारत-स्विट्जरलैंड संबंध केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देश कई क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

व्यापार और निवेश भी अहम क्षेत्र

भारत और स्विट्जरलैंड के संबंधों में व्यापार और निवेश का महत्वपूर्ण स्थान है। फरवरी में प्रधानमंत्री मोदी और परमेलिन की बैठक के दौरान भी दोनों पक्षों ने आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक गति का स्वागत किया था।

स्विट्जरलैंड यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ यानी EFTA का प्रमुख सदस्य है। भारत और EFTA के बीच ट्रेड एंड इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट यानी TEPA के क्रियान्वयन से दोनों पक्षों के आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर भी जोर दिया गया था।

सोमवार की मुलाकात में भी भारत-स्विट्जरलैंड साझेदारी को मजबूत करने और सहयोग के नए क्षेत्रों की तलाश को प्रमुख विषय के रूप में सामने रखा गया।

विज्ञान, तकनीक और नवाचार पर भी सहयोग

भारत और स्विट्जरलैंड के बीच विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग भी द्विपक्षीय संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। फरवरी 2026 में दोनों नेताओं की बातचीत में नवाचार आधारित विकास, संयुक्त शोध, बेहतर प्रथाओं को साझा करने तथा प्रशिक्षण और कौशल विकास से जुड़ी क्षमता निर्माण पहलों को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई गई थी।

स्विस राष्ट्रपति गाइ परमेलिन ने फरवरी में भारत में आयोजित AI Impact Summit में भी हिस्सा लिया था। उस दौरान उन्होंने जिम्मेदार AI और बहुपक्षीय सहयोग की जरूरत पर जोर दिया था।

इस पृष्ठभूमि में सोमवार को हुई प्रधानमंत्री मोदी और गाइ परमेलिन की मुलाकात दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद की निरंतरता के रूप में सामने आई है।

भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों में लोगों के बीच संपर्क भी अहम

द्विपक्षीय संबंधों में लोगों के बीच संपर्क को भी महत्वपूर्ण क्षेत्र माना गया है। फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री मोदी और स्विस राष्ट्रपति की बातचीत में सांस्कृतिक आदान-प्रदान और people-to-people ties को भी द्विपक्षीय संबंधों के हिस्से के रूप में शामिल किया गया था।

इसके अलावा शिक्षा, कौशल विकास, विज्ञान और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग दोनों देशों के व्यापक संबंधों को नया आयाम देता है।

गाइ परमेलिन की मौजूदा भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई मुलाकात में भी भारत-स्विट्जरलैंड साझेदारी को आगे बढ़ाने और नए सहयोग क्षेत्रों की तलाश पर जोर दिया गया।

पहले भी हो चुकी है दोनों नेताओं की उच्चस्तरीय मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गाइ परमेलिन के बीच इससे पहले भी उच्चस्तरीय मुलाकातें हो चुकी हैं। विदेश मंत्रालय के भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों से जुड़े दस्तावेज के अनुसार, परमेलिन ने भारत के साथ आर्थिक और व्यापारिक मामलों को लेकर विभिन्न मौकों पर उच्चस्तरीय संपर्क किया है।

फरवरी 2026 की मुलाकात में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा की थी और आर्थिक संबंधों की सकारात्मक गति का स्वागत किया था। उस दौरान भारत-EFTA TEPA को भी दोनों देशों के व्यापार और निवेश संबंधों को विस्तार देने की क्षमता वाला समझौता बताया गया था।

भारत और स्विट्जरलैंड के बीच सहयोग का व्यापक एजेंडा

भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों में व्यापार और निवेश के साथ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, नवाचार, कौशल विकास, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्र शामिल हैं। दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय वार्ता में इन मुद्दों पर लगातार चर्चा होती रही है।

हैदराबाद हाउस में हुई प्रधानमंत्री मोदी और गाइ परमेलिन की मुलाकात में भी इसी व्यापक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में बातचीत हुई। मौजूदा बैठक का फोकस भारत-स्विट्जरलैंड साझेदारी को आगे बढ़ाने और सहयोग के नए क्षेत्रों की तलाश पर रहा।

द्विपक्षीय वार्ता के मायने

हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्विस राष्ट्रपति गाइ परमेलिन की मुलाकात में भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, विज्ञान, तकनीक, नवाचार, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग का व्यापक आधार है। मौजूदा वार्ता इसी बहुआयामी साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में एक और उच्चस्तरीय संपर्क के रूप में सामने आई है। (Expose India)

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