
रामनगर, बाराबंकी। अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रामनगर पुलिस ने एक हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी का ट्रक और मोटरसाइकिल बरामद की है। गिरफ्तार आरोपित की पहचान महेन्द्र जायसवाल पुत्र प्रेमचंद निवासी सिकोहना, थाना मोहम्मदपुर खाला के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक उसके खिलाफ बाराबंकी, लखनऊ और सीतापुर के विभिन्न थानों में चोरी, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और धोखाधड़ी समेत 17 मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार एक अक्टूबर की रात एचपी पेट्रोल पंप नचना के पास से ट्रक संख्या UP 42 BT 0071 चोरी हो गया था। घटना के संबंध में रामनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामले की जांच में जुटी पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस के आधार पर मंगलवार को मनोरा मोड़ के पास संदिग्ध रूप से मौजूद महेन्द्र जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान पुलिस को आरोपित के बारे में अहम जानकारी मिली। पुलिस के मुताबिक महेन्द्र जायसवाल पहले वादी के ट्रक पर खलासी का काम कर चुका था। इसी वजह से उसे ट्रक और उससे जुड़ी गतिविधियों की जानकारी होने की बात सामने आई है। पुलिस ने आरोपित की निशानदेही पर चोरी किया गया ट्रक बरामद कर लिया।
चोरी की बाइक भी बरामद
पुलिस ने आरोपित के कब्जे से एक मोटरसाइकिल UP 41 BM 0062 भी बरामद की है। पुलिस के मुताबिक यह मोटरसाइकिल चार अक्टूबर को थाना देवा क्षेत्र के विशुनपुर बाजार से चोरी की गई थी। इस बरामदगी के बाद पुलिस ने संबंधित मुकदमे में भी कार्रवाई आगे बढ़ाई है।
पुलिस के अनुसार दोनों चोरी के वाहनों की बरामदगी के आधार पर संबंधित मुकदमों में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। आरोपित के आपराधिक इतिहास को देखते हुए पुलिस उससे अन्य चोरी की घटनाओं के संबंध में भी पूछताछ कर रही है।
17 मुकदमों का है आपराधिक इतिहास
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार महेन्द्र जायसवाल हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ बाराबंकी, लखनऊ तथा सीतापुर के विभिन्न थानों में 17 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें चोरी, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मामले शामिल हैं। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपित अकेले ही चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था या उसके साथ कोई गिरोह भी सक्रिय है।
पुलिस टीम ने की कार्रवाई
कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक अरुण प्रताप सिंह के नेतृत्व में की गई। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक प्रवीण सिंह, उपनिरीक्षक गजेन्द्र विक्रम सिंह, कांस्टेबल सुनील चौहान और कांस्टेबल प्रदीप सिंह शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि आरोपित से पूछताछ जारी है और उसके आपराधिक नेटवर्क तथा चोरी की अन्य घटनाओं के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।