
लखनऊ। प्राचीन लेटे हुए हनुमान जी मंदिर में आयोजित श्रीराम कथा के पांचवें दिन कथा व्यास डॉ. विष्णु दास जी महाराज ने रावण के चरित्र और सीता हरण के प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जब मन, परिवार और समाज में परस्पर शांति का वातावरण होता है, तभी जीवन सार्थक और व्यक्ति को वास्तविक सुख की अनुभूति होती है।
डॉ. विष्णु दास जी महाराज ने कहा कि रावण महान ज्ञानी और पराक्रमी होने के साथ ही भगवान शिव का परम भक्त था। इसके बावजूद उसकी बहन शूर्पणखा ने उसकी मति को प्रभावित कर दिया और वह माता सीता को लंका की पटरानी बनाने का सपना देखने लगा। धीरे-धीरे रावण अपने ही विचारों के चक्रव्यूह में फंसता चला गया।
उन्होंने कहा कि इसी स्थिति के लिए कहा गया है कि ‘विनाश काले विपरीत बुद्धि’। जब व्यक्ति के विनाश का समय आता है तो उसकी बुद्धि में सही और गलत को समझने तथा परिस्थितियों का उचित आकलन करने की क्षमता समाप्त होने लगती है। रावण के जीवन में भी यही देखने को मिला।
कथा व्यास ने कहा कि प्रभु श्रीराम के चरित्र को समझने से पहले रावण के चरित्र को समझना आवश्यक है। उजाले की वास्तविक पहचान तभी होती है, जब अंधकार सामने हो। इसी तरह साधुता और सद्गुणों का महत्व भी तभी समझ में आता है, जब उनके सामने असुरी प्रवृत्तियां दिखाई देती हैं।
उन्होंने कहा कि यदि कोई राजा अहंकारी हो जाए और कामवासना उसकी बुद्धि पर हावी हो जाए तो उसके पाप का परिणाम केवल उसे ही नहीं भुगतना पड़ता, बल्कि उसका प्रभाव प्रजा, परिवार और पूरे राज्य पर पड़ता है। रावण इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। इसलिए मनुष्य को अपने जीवन में अहंकार, मोह और विकारों से बचते हुए सद्मार्ग पर चलना चाहिए।
गोमती मैया का होगा दुग्धाभिषेक
कथा संयोजक डॉ. पंकज सिंह भदौरिया ने बताया कि गोमती मैया का आंचल हनुमान जी को पूर्ण रूप से स्नान करा रहा है। गोमती मैया के रौद्र रूप को शांत करने और उनकी आराधना के लिए बुधवार को सुबह 10:30 बजे गोमती मैया का दुग्धाभिषेक एवं पूजन किया जाएगा।
‘रामचरितमानस के प्रबंध सूत्र’ पुस्तक का विमोचन
श्रीराम कथा के अवसर पर डॉ. डीके मेहरोत्रा द्वारा रचित पुस्तक ‘रामचरितमानस के प्रबंध सूत्र’ का विमोचन भी किया गया। श्रद्धालुओं ने पुस्तक को रामचरितमानस के संदेशों और जीवन मूल्यों को समझने की दृष्टि से उपयोगी बताया।
कथा के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। भगवान श्रीराम के जयकारों और कथा के प्रसंगों से श्रद्धालु भावविभोर नजर आए। कार्यक्रम में जेके सिंह भदौरिया, कमलनाथ मल्होत्रा, अजय त्रिपाठी ‘मुन्ना’, अखिलेश कुमार, प्रहलाद अग्रवाल, लवली खोसला, गरिमा टंडन सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर कथा का श्रवण किया।