Janmashtami: पाकिस्तान में कहाँ है श्री कृष्ण का मंदिर , पाकिस्तान में कृष्ण भक्त

Janmashtami: आज जन्माष्टमी के मौके पर हम आपको ले चलते हैं सीमा पार, यानी पाकिस्तान जहाँ मौजूद है भगवान श्रीकृष्ण का सबसे बड़ा मंदिर। जी हाँ, पाकिस्तान के रावलपिंडी में यह भव्य मंदिर न सिर्फ आस्था का केंद्र है, बल्कि इतिहास और विरासत का जिंदा प्रमाण भी है।


Janmashtami: पाकिस्तान में कृष्ण भगवान की पूजा

रावलपिंडी का यह श्रीकृष्ण मंदिर साल 1897 में बनवाया गया था। जानकारी के मुताबिक, इसे कांची मल और उजागर मल राम पंचाल ने बनवाया था। यह मंदिर अपनी भव्यता, स्थापत्य कला और आध्यात्मिक वातावरण के लिए जाना जाता है। भारत-पाक विभाजन के समय 1947 में इस मंदिर को बंद कर दिया गया था। उस दौर में न सिर्फ सीमाएँ बदलीं, बल्कि मंदिर और गुरुद्वारों पर भी असर पड़ा। कई मंदिरों की तरह यह कृष्ण मंदिर भी सुनसान हो गया।

लेकिन समय बीतने के साथ इसे फिर से खोला गया और आज यह पाकिस्तान में श्रीकृष्ण भक्तों की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है। मंदिर के भीतर भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति और खूबसूरत पेंटिंग्स इसे और भी खास बनाती हैं। हर जन्माष्टमी पर यहाँ विशेष पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का आयोजन होता है। न सिर्फ हिंदू समुदाय, बल्कि कई अन्य धर्मों के लोग भी इस मंदिर में आते हैं और भगवान कृष्ण के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं।

इतिहासकार मानते हैं कि यह मंदिर भारत-पाक साझा संस्कृति और विरासत की निशानी है। जहाँ एक ओर यह आस्था का प्रतीक है, वहीं दूसरी ओर यह यह बताता है कि सरहदें बदल सकती हैं. लेकिन श्रद्धा और भक्ति को कोई सीमित नहीं कर सकता।

तो यह है पाकिस्तान के रावलपिंडी में स्थित भगवान श्रीकृष्ण का सबसे बड़ा मंदिर—जहाँ हर जन्माष्टमी पर भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ता है। इस मंदिर का संदेश भी यही है कि कृष्ण केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के हैं।