सीएम युवा योजना बनी युवाओं की पहली पसंद: युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के साथ लगातार योजनाओं को जमीन पर उतार रहे हैं। इसी क्रम में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) योजना युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना के तहत प्रदेश भर से पौने चार लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि सरकार ने 1.5 लाख ऋण वितरण का लक्ष्य तय किया था। यह आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि योजना युवाओं को आकर्षित कर रही है और वे इससे जुड़कर अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

पौने चार लाख से अधिक आवेदन, बड़ी संख्या में लोन स्वीकृत

प्रदेश सरकार का फोकस सिर्फ रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को उद्यमी बनाकर रोजगार देने वाला भी बनाया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना के तहत कुल 3,86,092 युवाओं ने लोन के लिए आवेदन किया। इनमें से 3,30,441 आवेदनों को बैंकों को भेजा गया, जबकि 1,45,454 आवेदनों को स्वीकृति मिली। अब तक 1,38,304 युवाओं को स्वरोजगार के लिए ऋण वितरित किया जा चुका है। यह पहल युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देने के साथ समाज में सकारात्मक बदलाव का आधार बन रही है।

जौनपुर बना नंबर वन, लक्ष्य से 151% अधिक ऋण वितरण

सीएम युवा योजना के क्रियान्वयन में जौनपुर जिले ने पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। जिले को 2,700 युवाओं को ऋण देने का लक्ष्य मिला था, जिसके सापेक्ष 9,785 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 8,406 आवेदन बैंकों को भेजे गए और 4,092 युवाओं को लोन वितरित किया गया। इस तरह जौनपुर ने लक्ष्य के मुकाबले 151.56 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर प्रदेश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। पूरे वित्तीय वर्ष में जिले की यह स्थिति बरकरार रही।

आजमगढ़ में वर्कशॉप के जरिए बढ़ी रफ्तार, दूसरे स्थान पर कायम

आजमगढ़ जिले ने भी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। अप्रैल 2025 से पहले जहां यह जिला 25वें स्थान पर था, वहीं अब लगातार दूसरे स्थान पर बना हुआ है। इसके पीछे ब्लॉक स्तर पर आयोजित वर्कशॉप और बैंकर्स व आवेदकों के बीच सीधा संवाद अहम भूमिका निभा रहा है। जिले को 2,700 ऋण वितरण का लक्ष्य मिला था, जबकि 8,871 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 7,751 आवेदन बैंकों को भेजे गए और 4,049 युवाओं को ऋण वितरित किया गया, जो लक्ष्य का 149.96 प्रतिशत है।

हरदोई तीसरे स्थान पर, अन्य जिलों का भी शानदार प्रदर्शन

हरदोई जिले ने योजना के सफल क्रियान्वयन में तीसरा स्थान हासिल किया है। जिले को 2,900 ऋण वितरण का लक्ष्य मिला था, जिसके सापेक्ष 11,977 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 9,701 आवेदन बैंकों को भेजे गए और 3,226 युवाओं को लोन वितरित किया गया। इसके अलावा झांसी, लखीमपुर-खीरी, अंबेडकर नगर, बहराइच, चित्रकूट और बलिया जैसे जिलों का प्रदर्शन भी सराहनीय रहा है, जो इस योजना की व्यापक सफलता को दर्शाता है।