
लखनऊ, 7 अप्रैल 2026। International Children’s Film Festival (ICFF-2026) के दूसरे दिन City Montessori School के कानपुर रोड ऑडिटोरियम में शैक्षिक बाल फिल्मों को लेकर छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। पूरे दिन कैंपस में बच्चों और अभिभावकों की भारी भीड़ रही, जिससे फेस्टिवल का माहौल बेहद जीवंत और प्रेरणादायक बना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन और सर्वधर्म प्रार्थना से हुई, जिसने वातावरण को आध्यात्मिक और सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया। इस अवसर पर प्रसिद्ध अभिनेत्री अरूषि निशंक और अभिनेता राजेश खट्टर ने अपनी उपस्थिति से बच्चों का उत्साहवर्धन किया। उनके साथ 6 टीवी भारत के चीफ कंटेंट एंड स्ट्रेटेजी ऑफिसर आफताब आलम भी मौजूद रहे।
इस सात दिवसीय फिल्म महोत्सव में 53 देशों की लगभग 329 बाल फिल्मों का प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रतिदिन दो शो आयोजित किए जा रहे हैं—पहला सुबह 9 बजे और दूसरा दोपहर 12 बजे। खास बात यह है कि यह पूरा फेस्टिवल बच्चों और दर्शकों के लिए पूर्णतः निःशुल्क रखा गया है, जिससे अधिक से अधिक बच्चे इसमें भाग लेकर लाभान्वित हो सकें।

कार्यक्रम के दौरान सीएमएस की प्रबंधक प्रो. गीता गांधी किंगडन ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि छात्र इस फिल्म फेस्टिवल में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं और उन्हें शिक्षकों व अभिभावकों का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को इस प्रकार की शैक्षिक और प्रेरणादायक फिल्मों को देखने के लिए प्रोत्साहित करें।
दूसरे दिन प्रदर्शित फिल्मों में God’s Powerhouse, Countless 99 Steps, Sanjeevani, The Gold Chain, Sahi Raah, Vidya, Naukri ya Vyavsaay, Mera Jeevan Kavya, Beyond the Mars, A Song About a Dog, Ambassador of Hope, Little Stories, Golden Fish, Surprise, The Last Bookstore, Zimmedari, Aao Dosti Karen, Anokha Pitara और Unstable Connection जैसी कई प्रेरणादायक फिल्में शामिल रहीं। इन फिल्मों के माध्यम से बच्चों को जीवन मूल्यों, प्रकृति प्रेम, जिम्मेदारी और सामाजिक सरोकारों का संदेश दिया गया।
फिल्मों को देखने के बाद बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ झलक रहा था। कई छात्रों ने कहा कि यह फेस्टिवल मनोरंजन के साथ-साथ शिक्षा देने का एक बेहतरीन माध्यम है। एक छात्र ने कहा कि इन फिल्मों ने उन्हें प्रकृति और सभी जीवों के प्रति प्रेम करना सिखाया। वहीं अन्य छात्रों ने भी अपने विचार साझा करते हुए इस आयोजन के लिए सीएमएस का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता में फिल्मी हस्तियों ने भी अपने विचार साझा किए। अरूषि निशंक ने कहा कि बच्चों को सकारात्मक संस्कार देने के लिए यह एक सराहनीय पहल है। राजेश खट्टर ने इसे बच्चों के लिए एक सुनहरा अवसर बताया, जहां वे विभिन्न देशों की फिल्में एक ही मंच पर देख सकते हैं। आफताब आलम ने कहा कि आज के समय में बच्चों के लिए शैक्षिक फिल्मों की कमी है और यह फेस्टिवल उस कमी को पूरा करने का महत्वपूर्ण प्रयास है।
कुल मिलाकर, अंतरराष्ट्रीय चिल्ड्रेन फिल्म फेस्टिवल का दूसरा दिन उत्साह, सीख और प्रेरणा से भरपूर रहा, जिसने बच्चों के समग्र विकास की दिशा में एक सकारात्मक संदेश दिया।