लखनऊ के विकास को नई दिशा देने पहुंचे रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, बोले—“सिर्फ इमारत नहीं, सपनों का निर्माण कर रहे हैं”

लखनऊ। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने राजधानी में आयोजित कार्यक्रम में शहर के समग्र विकास को लेकर बड़ा विजन पेश किया। उन्होंने कहा कि वे केवल किसी बिल्डिंग का उद्घाटन करने नहीं आए हैं, बल्कि लखनऊ के विकास के सपनों को साकार करने के उद्देश्य से यहां पहुंचे हैं। अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए उन्होंने सभी उपस्थित लोगों का स्वागत किया और 95 वर्षीय पंडित यज्ञ देव शर्मा के उत्साह और सक्रियता की सराहना करते हुए उनके चरणों में नमन किया।
राजनाथ सिंह ने कहा कि आज का दिन लखनऊ के इतिहास में नई इबारत लिखने जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास केवल चौड़ी सड़कों और मेट्रो से नहीं मापा जा सकता, बल्कि असली विकास वह है जो बुजुर्गों, माताओं और बहनों को उनके घर के पास बेहतर जीवन का अनुभव कराए। इसी सोच के तहत गोमती नगर के विनीत खंड में “देव वन नक्षत्र वाटिका” और “लक्ष्मण मंडप” जैसी परियोजनाओं को विकसित किया गया है।
उन्होंने बताया कि जहां पहले कूड़े के ढेर हुआ करते थे, वहां अब हरियाली, औषधीय पौधे और स्वच्छ वातावरण तैयार किया गया है। यह स्थान न केवल मनोरंजन का केंद्र होगा बल्कि लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी साबित होगा। उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे मोबाइल की दुनिया से बाहर निकलकर प्रकृति से जुड़ें।
रक्षामंत्री ने डिजिटल लाइब्रेरी की भी चर्चा करते हुए कहा कि अब बच्चों को महंगी किताबों की चिंता नहीं करनी पड़ेगी और वे एक क्लिक पर दुनिया भर का ज्ञान हासिल कर सकेंगे। साथ ही लखनऊ की पारंपरिक कारीगरी और विरासत को सहेजने के लिए कला संग्रहालय की स्थापना को भी महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पहले माफियाओं का बोलबाला था, लेकिन आज प्रदेश संतों और महंतों की भूमि के रूप में पहचान बना रहा है। “डबल इंजन सरकार” के प्रयासों से प्रदेश तेजी से विकास की ओर अग्रसर है और लोग अब उत्तर प्रदेश को “उत्तम प्रदेश” कहने लगे हैं।
इन्फ्रास्ट्रक्चर पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि लखनऊ में 25 फ्लाईओवर बनाए गए हैं और कई प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण किया गया है। लखनऊ से सुल्तानपुर, अयोध्या, कानपुर और बहराइच तक बेहतर कनेक्टिविटी के लिए एक्सप्रेसवे और फोरलेन सड़कों का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में लखनऊ देश का बड़ा सप्लाई सेंटर बनेगा, जिससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
रेलवे और एयरपोर्ट के विकास का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि गोमती नगर में एशिया का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन विकसित किया गया है और लखनऊ एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में 24% की वृद्धि हुई है। टर्मिनल-3 के निर्माण से सुविधाएं और बेहतर हुई हैं।
डिफेंस सेक्टर में लखनऊ की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यहां ब्रह्मोस मिसाइल की पहली खेप सेना को सौंपी जा चुकी है और कई रक्षा उपकरण निर्माण इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। अशोक लीलैंड जैसे उद्योगों की स्थापना से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
अंतरराष्ट्रीय हालातों पर बोलते हुए उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव का जिक्र किया और कहा कि भारत सरकार पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने जनता से अपील की कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें, क्योंकि पेट्रोल, डीजल और गैस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में शामिल है और सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि 2014 के बाद देश में एयरपोर्ट की संख्या 74 से बढ़कर 160 से अधिक हो गई है।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य “विकसित भारत” के निर्माण के साथ-साथ लोगों के जीवन को बेहतर बनाना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनता के सपनों को साकार करने के लिए हर संभव प्रयास जारी रहेगा।