
मलपुरा। अंतरराष्ट्रीय जाट दिवस के अवसर पर Akhil Bharatiya Jat Mahasabha द्वारा भगवती गार्डन, बमरौली रोड पर एक वृहद कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के लोगों ने एकजुट होकर केंद्रीय जाट आरक्षण को “अंतिम लड़ाई” मानते हुए निर्णायक संघर्ष का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में देश और समाज के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले महापुरुषों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान Porus, Kanishka, Anangpal Tomar, Hari Singh Nalwa, Maharaja Suraj Mal, Gokula, Maharaja Ranjit Singh और Raja Mahendra Pratap जैसे महान व्यक्तित्वों का स्मरण किया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए जाट महासभा के प्रदेश अध्यक्ष Pratap Chaudhary ने कहा कि केंद्रीय सेवाओं में जाट आरक्षण की लड़ाई अब निर्णायक चरण में है और इसे अंतिम लड़ाई मानकर लड़ा जाएगा। उन्होंने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए समाज से एकजुट होकर सरकार पर दबाव बनाने की अपील की।
जिला अध्यक्ष कप्तान सिंह चाहर ने कहा कि यदि वर्ष 2014 में केंद्रीय सेवाओं में जाट समाज को मिला आरक्षण निरस्त न किया गया होता, तो आज हजारों-लाखों युवाओं को रोजगार मिल चुका होता। उन्होंने केंद्र सरकार की पैरवी को कमजोर बताते हुए इसे बड़ी चूक करार दिया।
कार्यक्रम में प्रदेश एवं मंडल स्तर के पदाधिकारियों ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों से आरक्षण बहाली का वादा पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द कदम नहीं उठाया तो जाट समाज अपने राजनीतिक विकल्पों पर पुनर्विचार करेगा।
युवा और महिला प्रकोष्ठ के प्रतिनिधियों ने भी आरक्षण की इस लड़ाई को अंतिम सांस तक लड़ने का संकल्प लिया और एकजुटता का संदेश दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रहलाद सिंह चाहर ने की, जबकि संचालन वीरेंद्र सिंह छोंकर और अनिल चाहर ने संयुक्त रूप से किया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे और सभी ने एक स्वर में जाट आरक्षण की मांग को लेकर संघर्ष जारी रखने की बात दोहराई।