
लखनऊ। यूपी के जनपद गाजीपुर के चर्चित निशा विश्वकर्मा हत्याकांड को लेकर अब प्रदेश में सियासत तेज हो गई है। पीड़ित को न्याय दिलाने और समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल पर हुए हमले के विरोध में शनिवार को लखनऊ में जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के प्रदेश अध्यक्ष अच्छे लाल विश्वकर्मा समेत बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। ज्ञापन में पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा सहित सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हुए हमले की निंदा करते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई।
अखिलेश ने साधा निशाना
इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने गाजीपुर में सपा जिलाध्यक्ष और विधायकों पर दर्ज मुकदमों का कड़ा विरोध किया। उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे अलोकतांत्रिक बताया और हाथरस कांड की याद दिलाई। अखिलेश यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इस घटना के बाद पार्टी कोई बड़ा कदम उठा सकती है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अब ‘गोरिल्ला युद्ध’ का समय आ गया है। साथ ही खबर है कि वह 29 तारीख को गाजीपुर का दौरा भी कर सकते हैं।
यह है पूरा मामला
दरअसल, गाजीपुर के करंडा थाना क्षेत्र के कटारिया गांव निवासी निशा विश्वकर्मा का शव 15 अप्रैल को बरामद हुआ था। इसके बाद 22 अप्रैल को समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचा था। जिसकी अगुवाई पूर्व मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा कर रहे थे, इस दौरान ग्रामीणों ने विरोध किया और देखते ही देखते स्थिति हिंसक हो गई। दोनों पक्षों के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई, जिसमें कई लोग और पुलिसकर्मी घायल हो गए।
जिसके बाद नाराज प्रतिनिधिमंडल ने मौके पर ही धरना शुरू कर दिया और पुलिस से परिवार से मिलने की अनुमति मांगी। इसके बाद परिवार की एक महिला को बातचीत के लिए बुलाया गया, लेकिन इसी दौरान अचानक पथराव शुरू हो गया, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
पूर्व मंत्री समेत कई घायल, मेडिकल कॉलेज में इलाज जारी
इस हिंसा में पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा, जंगीपुर से सपा विधायक डॉ. वीरेंद्र यादव, महिला कार्यकर्ता रीना यादव और बिंदु सहित कई लोग घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज गाजीपुर मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
पुलिस मौजूद रही, बाद में बढ़ाई गई फोर्स
घटना के समय मौके पर सीओ शेखर सेंगर, करंडा थानाध्यक्ष संतोष पाठक, सदर कोतवाल महेंद्र सिंह और गोराबाजार चौकी इंचार्ज शिवाकांत मिश्रा सहित 60-70 पुलिसकर्मी तैनात थे। इसके बावजूद पथराव की घटना को तुरंत नियंत्रित नहीं किया जा सका। बाद में स्थिति को देखते हुए एसपी सिटी राकेश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस बल और 26 जवानों की पीएसी प्लाटून तैनात की गई।
ज्ञापन सौंपकर की गई गिरफ्तारी की मांग
वहीं शनिवार को ज्ञापन सौंपने वालों में अच्छे लाल विश्वकर्मा के अलावा जिलाध्यक्ष जितेंद्र शर्मा, डॉ. सुभाष विश्वकर्मा, शशांक शर्मा, एडवोकेट देवेंद्र विश्वकर्मा, दीना नाथ शर्मा, राज कोकील विश्वकर्मा, मनोज विश्वकर्मा, अवधेश विश्वकर्मा, विक्की विश्वकर्मा, नंदकिशोर विश्वकर्मा, श्याम बहादुर विश्वकर्मा, शक्ति विश्वकर्मा, यशवंत विश्वकर्मा, राम प्रवेश विश्वकर्मा, धनंजय विश्वकर्मा, राकेश विश्वकर्मा, रामायण विश्वकर्मा समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाई।