ApolloMedics ने रचा इतिहास: 500 रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट सर्जरी पूरी, 400 से अधिक मरीजों की भागीदारी

लखनऊ। राजधानी के अपोलोमेडिक्स हॉस्पिटल्स ने चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 500 रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी कर ली हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न अस्पताल परिसर में आयोजित “रुक जाना नहीं” नामक विशेष कार्यक्रम के जरिए मनाया गया, जिसमें 400 से अधिक मरीजों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान अस्पताल ने अत्याधुनिक एमआईएसएसओ रोबोट का भी शुभारंभ किया। इसके साथ ही अपोलोमेडिक्स क्षेत्र का पहला निजी अस्पताल बन गया है, जहां नी रिप्लेसमेंट के लिए दो समर्पित रोबोट समेत कुल तीन सर्जिकल रोबोट कार्यरत हैं। यह नई प्रणाली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित है, जो सर्जरी के दौरान डॉक्टरों को रीयल-टाइम सहायता प्रदान करती है और मरीज की स्थिति के अनुसार अत्यंत सटीक समायोजन करने में मदद करती है।

डॉ. संजय श्रीवास्तव के नेतृत्व में मिली सफलता

ऑर्थोपेडिक्स के चेयरमैन डॉ संजय श्रीवास्तव के नेतृत्व में इन 500 सर्जरी को अंजाम दिया गया। उन्होंने बताया कि रोबोटिक तकनीक इम्प्लांट लगाने में सब-मिलीमीटर स्तर की सटीकता प्रदान करती है। सर्जरी से पहले 3डी इमेजिंग और सीटी-आधारित बोन मैपिंग के जरिए पूरी योजना तैयार की जाती है, जिससे ऑपरेशन के दौरान कम रक्तस्राव होता है, दर्द घटता है और मरीज जल्दी स्वस्थ होकर अस्पताल से छुट्टी पा लेते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि अब रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट की मांग तेजी से बढ़ रही है। “पहले जहां पाँच में से केवल एक मरीज रोबोटिक सर्जरी चुनता था, वहीं अब हर दूसरा मरीज इसके बारे में जानकारी लेकर इसे प्राथमिकता देता है। यह रुझान केवल शहरी ही नहीं, बल्कि टियर-3, टियर-4 और ग्रामीण क्षेत्रों तक भी फैल चुका है।

मरीजों की वापसी की कहानियां बनीं कार्यक्रम का आकर्षण

“रुक जाना नहीं” कार्यक्रम में मरीजों की प्रेरणादायक कहानियां भी सामने आईं। एक मरीज ने मंच पर लाइव कथक नृत्य प्रस्तुत किया, जिन्होंने घुटने के दर्द के कारण अपना नृत्य अभ्यास छोड़ दिया था। इसके अलावा कई मरीजों ने बिना दर्द सीढ़ियां चढ़ने और पार्कों में चलने जैसे अनुभव साझा किए। सर्जरी के बाद कुछ मरीजों ने रैंप वॉक कर अपनी नई गतिशीलता का प्रदर्शन भी किया।

विश्वस्तरीय तकनीक लाने का लक्ष्य: डॉ. सोमानी

अपोलोमेडिक्स के एमडी और सीईओ डॉ. मयंक सोमानी ने कहा कि हमारा उद्देश्य उत्तर प्रदेश के लोगों तक विश्वस्तरीय चिकित्सा तकनीक पहुंचाना है। 500 सर्जरी का आंकड़ा पार करना हमारी टीम के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि दूसरे MISSO रोबोट के शामिल होने से अस्पताल में रोबोट्स की कुल संख्या तीन हो गई है, जो उन्नत और सटीक इलाज देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। “’रुक जाना नहीं’ जैसे कार्यक्रम हमें याद दिलाते हैं कि हमारा लक्ष्य मरीजों को बिना किसी रुकावट के चलते, नाचते और जीवन का आनंद लेते हुए देखना है।