लखनऊ विश्वविद्यालय ने शुरू किया संरचित इंटर्नशिप प्रशिक्षण कार्यक्रम: छात्रों को मिलेगा व्यावहारिक अनुभव का मौका

लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय ने छात्रों के शैक्षणिक और व्यावसायिक विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से एक संरचित इंटर्नशिप, प्रशिक्षण और शोध प्रबंध कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस पहल के तहत छात्रों को अनुसंधान, व्यावहारिक प्रशिक्षण, फील्डवर्क, शैक्षणिक दस्तावेजीकरण और पेशेवर कौशल विकास के व्यापक अवसर मिलेंगे। खास बात यह है कि यह कार्यक्रम न केवल विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों बल्कि अन्य मान्यता प्राप्त संस्थानों के छात्रों के लिए भी खुला रहेगा, जिससे अधिक से अधिक युवाओं को लाभ मिल सके।

विभिन्न विषयों में मिलेगा व्यावहारिक अनुभव

इस कार्यक्रम में विज्ञान, कला, वाणिज्य, कानून, इंजीनियरिंग, शिक्षा, ललित कला, आयुर्वेद, कृषि, फार्मास्युटिकल साइंसेज और प्रबंधन जैसे अनेक विषय शामिल किए गए हैं। विषय के अनुसार छात्र प्रयोगशाला कार्य, फील्ड अध्ययन, कानूनी शोध, केस स्टडी, रचनात्मक गतिविधियां, स्वास्थ्य सेवा प्रदर्शन, डेटा विश्लेषण, सर्वेक्षण और परियोजना कार्य जैसी गतिविधियों में हिस्सा ले सकेंगे। इससे छात्रों को अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक समझ भी विकसित करने का अवसर मिलेगा।

लचीली अवधि और हाइब्रिड मोड में संचालन

कार्यक्रम को छात्रों की सुविधा के अनुसार लचीला बनाया गया है। अल्पकालिक इंटर्नशिप 4 से 6 सप्ताह या 1 से 3 महीने की होगी, जबकि दीर्घकालिक शोध प्रबंध या प्रशिक्षण 4 से 6 महीने तक चलेगा। इसे ऑफलाइन, ऑनलाइन या हाइब्रिड मोड में संचालित किया जा सकेगा, हालांकि प्रयोगशाला, क्लिनिकल और फील्ड आधारित कार्यों के लिए छात्रों की भौतिक उपस्थिति अनिवार्य होगी।

छात्रों को मिलेगा करियर में बढ़त का अवसर: कुलपति

लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने कहा कि संस्थान हमेशा शैक्षणिक उत्कृष्टता और नवाचार को बढ़ावा देता रहा है। उनके अनुसार यह कार्यक्रम छात्रों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करेगा, उनकी शोध क्षमता को मजबूत करेगा और उन्हें उच्च शिक्षा, उद्योग, उद्यमिता तथा सार्वजनिक सेवा के लिए बेहतर रूप से तैयार करेगा।

सख्त चयन प्रक्रिया और सीमित सीटें

कार्यक्रम के तहत प्रोफेसर अधिकतम 8, एसोसिएट प्रोफेसर 6 और असिस्टेंट प्रोफेसर 4 छात्रों का पर्यवेक्षण कर सकेंगे। इच्छुक छात्रों को संबंधित विभागाध्यक्ष को आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे, जिनमें सिफारिश पत्र, शैक्षणिक रिकॉर्ड, स्टेटमेंट ऑफ पर्पस, अध्ययन योजना और पर्यवेक्षक की स्वीकृति शामिल है। चयन मेरिट, उपलब्ध संसाधनों और अनुसंधान आवश्यकताओं के आधार पर किया जाएगा।

प्रमाण पत्र और शुल्क की जानकारी

कार्यक्रम पूरा करने पर छात्रों को प्रमाण पत्र दिया जाएगा, जिसमें प्रशिक्षण की अवधि और कार्य का विवरण दर्ज होगा। बाहरी संस्थानों के छात्रों के लिए शुल्क 5 हजार रूपए प्रति माह निर्धारित किया गया है, जो अग्रिम और गैर-वापसी योग्य होगा। विश्वविद्यालय द्वारा आवास की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जाएगी, इसलिए छात्रों को रहने और खाने की व्यवस्था स्वयं करनी होगी।

उच्च शिक्षा में नया आयाम स्थापित करने की पहल

यह संरचित इंटर्नशिप और शोध कार्यक्रम छात्रों के लिए अनुभवात्मक शिक्षा का मजबूत मंच साबित होगा। साथ ही, यह पहल विश्वविद्यालय को बहु-विषयक शिक्षा और शोध के क्षेत्र में और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।