
लखनऊ। लखनऊ में सोमवार को वकीलों का विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया। अधिवक्ताओं ने डीएम ऑफिस बंद करा दिया और स्वास्थ्य भवन चौराहे से कलेक्ट्रेट जाने वाले रास्ते को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी वकील अफसरों और कर्मचारियों की गाड़ियों को भी अंदर नहीं जाने दे रहे हैं। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने इलाके में बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। वहीं वकीलों ने तीन दिन के कार्य बहिष्कार का ऐलान करते हुए प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ता कलेक्ट्रेट परिसर में घूम-घूमकर सरकारी कार्यालय बंद कराते नजर आए। इससे प्रशासनिक कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो गया। वकीलों का आरोप है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ताओं और बार पदाधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया, जिससे अधिवक्ताओं में भारी नाराजगी है। वहीं, रजिस्ट्री कार्यालय की ओर कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी, जिस पर प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
हाईकोर्ट के आदेश पर हुई थी कार्रवाई, पथराव और लाठीचार्ज से बढ़ा विवाद
दरअसल, रविवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश पर नगर निगम ने कचेहरी परिसर और उसके आसपास बने वकीलों के अवैध चैंबर और दुकानों पर बुलडोजर कार्रवाई की थी। इस दौरान हालात तनावपूर्ण हो गए थे और पथराव व लाठीचार्ज की घटनाएं भी सामने आई थीं। इसी कार्रवाई के विरोध में सोमवार को वकील सड़कों पर उतर आए और आंदोलन तेज कर दिया।
मोहनलालगंज तहसील में भी प्रदर्शन, दो दिन का बहिष्कार
मोहनलालगंज बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कौशलेंद्र शुक्ला और महामंत्री राम लखन यादव के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने दो दिन के कार्य बहिष्कार की घोषणा की। वकीलों ने मोहनलालगंज तहसील परिसर में जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताया। प्रदर्शनकारियों ने चैंबर तोड़े जाने की घटना की कड़ी निंदा की और दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई।
दोषियों पर कार्रवाई तक आंदोलन जारी रहेगा
अधिवक्ताओं का कहना है कि नगर निगम और प्रशासन की कार्रवाई से वकीलों में भारी रोष है। उनका आरोप है कि कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था की अनदेखी की गई और अधिवक्ताओं का अपमान किया गया। वकीलों ने चेतावनी दी है कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती और उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन में एडवोकेट शिव अटल सिंह, श्रवण यादव, केपी सिंह समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।