
लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भीषण गर्मी के बीच प्रदेश में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। 5 कालिदास मार्ग पर आयोजित ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव हो या शहर, किसी भी उपभोक्ता को बिजली संकट का सामना नहीं करना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए सभी उत्पादन इकाइयों को पूरी क्षमता से संचालित किया जाए और बिजली आपूर्ति व्यवस्था को हर हाल में सुचारु रखा जाए।
बैठक में ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा, राज्य मंत्री कैलाश सिंह राजपूत, ऊर्जा विभाग, पावर कॉरपोरेशन और सभी डिस्कॉम के अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत और भरोसेमंद बनाने, फीडरवार मॉनीटरिंग कर जवाबदेही तय करने तथा शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आंधी-तूफान जैसी परिस्थितियों में भी त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम सक्रिय रहना चाहिए ताकि बिजली व्यवस्था जल्द बहाल की जा सके।
बैठक में बताया गया कि इस वर्ष प्रदेश की पीक बिजली मांग 30,339 मेगावाट तक पहुंच गई है। इसके बावजूद सरकार लगातार बिजली उपलब्धता बनाए रखने के लिए काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को समय पर सही बिल उपलब्ध कराने और हेल्पलाइन कॉल सेंटर व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि आमजन को बिजली आपूर्ति और समस्या समाधान की स्पष्ट और समयबद्ध जानकारी मिलनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर, भरोसेमंद और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।