ईरान का अमेरिका पर बड़ा आरोप: MoU उल्लंघन का दावा, दक्षिणी ईरान में धमाकों से बढ़ा तनाव

ईरान ने अमेरिका पर इस्लामाबाद MoU के उल्लंघन का आरोप लगाया। तेल निर्यात राहत वापस लेने के फैसले पर विवाद, दक्षिणी ईरान के सिरिक, केशम और बंदर अब्बास में धमाकों की खबर।

ईरान-अमेरिका विवाद के बीच दक्षिणी ईरान में धमाकों के बाद का सांकेतिक दृश्य
तेल निर्यात राहत विवाद और दक्षिणी ईरान में धमाकों के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा।

नई दिल्ली/अमर भारती। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका पर इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) का खुला उल्लंघन करने का गंभीर आरोप लगाया है। मंत्रालय का कहना है कि अमेरिका ने ईरानी तेल निर्यात पर दी गई अस्थायी राहत वापस लेकर युद्धविराम समझौते की शर्तों को तोड़ा है। इसी बीच दक्षिणी ईरान के सिरिक, केशम द्वीप और बंदर अब्बास में कई धमाकों की खबरों ने पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। सरकारी मीडिया के अनुसार इन घटनाओं में कई लोग घायल हुए हैं।

अमेरिका पर समझौता तोड़ने का आरोप

ईरान के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि अमेरिकी वित्त विभाग द्वारा ईरानी तेल निर्यात पर लागू अस्थायी छूट (जनरल लाइसेंस) वापस लेना 18 जून 2026 को हुए युद्धविराम समझौते के अनुच्छेद-10 का स्पष्ट और गंभीर उल्लंघन है। मंत्रालय ने इस फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इसके सभी परिणामों की जिम्मेदारी पूरी तरह अमेरिका की होगी। ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने समझौते की मूल भावना के विपरीत कदम उठाया है, जिससे दोनों देशों के बीच बने विश्वास को गंभीर नुकसान पहुंचा है।

“20 दिन में ही बदल गया अमेरिका का रुख”

विदेश मंत्रालय के अनुसार इस्लामाबाद समझौते पर हस्ताक्षर होने के महज 20 दिन के भीतर ही अमेरिका ने 3 जुलाई 2026 को जनरल लाइसेंस रद्द करने की घोषणा कर दी। ईरान ने इसे अमेरिकी प्रशासन की अस्थिर नीति और अविश्वसनीय रवैये का उदाहरण बताया है। ईरान का यह भी आरोप है कि पिछले कुछ दिनों में अमेरिका ने सीधे तौर पर या क्षेत्रीय घटनाक्रमों के माध्यम से समझौते की कई शर्तों का बार-बार उल्लंघन किया है।

ईरान का दावा- हमने निभाई अपनी जिम्मेदारी

विदेश मंत्रालय ने कहा कि 18 जून को समझौते पर हस्ताक्षर के बाद ईरान ने पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपनी सभी जिम्मेदारियों का पालन किया। इसके बावजूद अमेरिका लगातार अपने दायित्वों से पीछे हटता रहा और समझौते की शर्तों का सम्मान नहीं किया। ईरान का कहना है कि उसने समझौते को लागू करने के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए, लेकिन दूसरी ओर से समान प्रतिबद्धता नहीं दिखाई गई।

राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए चेतावनी

ईरान ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अमेरिका के इस कदम के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि देश की राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए ईरान हर आवश्यक कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखता है।

हालांकि, बयान में किसी विशेष कार्रवाई का उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन संकेत दिए गए हैं कि यदि स्थिति और बिगड़ती है तो जवाबी कदम उठाए जा सकते हैं।

दक्षिणी ईरान में धमाकों से बढ़ी चिंता

इसी बीच दक्षिणी ईरान के सिरिक, केशम द्वीप और बंदर अब्बास में कई धमाकों की खबरें सामने आई हैं। सरकारी प्रसारक IRIB के अनुसार सिरिक के एक व्यावसायिक बंदरगाह पर किसी प्रोजेक्टाइल के टकराने के बाद उसके टुकड़े आसपास गिरे, जिससे कई लोग घायल हो गए।

घायलों को तुरंत मिनाब अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। हालांकि, इन धमाकों की स्वतंत्र पुष्टि और इनके पीछे की परिस्थितियों को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

मध्य-पूर्व में फिर बढ़ सकता है तनाव

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते आरोप-प्रत्यारोप तथा दक्षिणी ईरान में हुई घटनाओं ने पूरे मध्य-पूर्व की सुरक्षा स्थिति को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। आने वाले दिनों में दोनों देशों की ओर से होने वाली आधिकारिक प्रतिक्रियाओं और कूटनीतिक कदमों पर दुनिया की नजर रहेगी।

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