जंतर-मंतर पर आदोलनकारी-सुरक्षा बल आमने-सामने, प्रदर्शन स्थल पर बड़े नेताओंका जमावड़ा

डिजिटल डेस्क, एक्सपोज इंडिया। सोनम वांगचुक के समर्थन में दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग जुटे। प्रदर्शन स्थल पर लगातार भीड़ बढ़ती रही और महिलाओं के साथ बड़ी संख्या में छात्र भी प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान कई राजनीतिक नेताओं के भी जंतर-मंतर पहुंचने की जानकारी सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, मनीष सिसोदिया, आतिशी सिंह और चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे।
प्रदर्शन के बीच लाठीचार्ज की खबर सामने आने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। बताया जा रहा है कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कई छात्र घायल हुए हैं। लाठीचार्ज की खबर से नाराज प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और आगे बढ़ने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शन स्थल पर मौजूद कई मीडियाकर्मियों के भी घायल होने की खबर है। हालांकि, घायलों की संख्या और लाठीचार्ज को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
जंतर-मंतर पर लगातार बढ़ती रही प्रदर्शनकारियों की भीड़
सोनम वांगचुक के समर्थन में जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में लोगों की संख्या लगातार बढ़ती गई। प्रदर्शनकारियों में छात्र, महिलाएं और अलग-अलग वर्गों से जुड़े लोग शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सोनम वांगचुक उनके मुद्दों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं और उनके समर्थन में देशभर से लोग आवाज उठा रहे हैं।
प्रदर्शन स्थल पर मौजूद छात्रों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के लिए जंतर-मंतर पहुंचे थे। छात्रों का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद उनके खिलाफ लाठीचार्ज किया गया।
एक प्रदर्शनकारी छात्र ने नाराजगी जताते हुए कहा कि एक वैज्ञानिक उनके लिए अनशन पर बैठा है, लेकिन कोई उनके बारे में सोचने को तैयार नहीं है। छात्रों ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति की मांगों को लेकर वह भूख हड़ताल कर रहा है तो सरकार को उसके साथ बातचीत करनी चाहिए।
लाठीचार्ज की खबर के बाद छात्रों में गुस्सा
प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज की खबर सामने आने के बाद छात्रों में नाराजगी बढ़ गई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कई छात्र घायल हुए। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और आगे बढ़ने की कोशिश की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। छात्रों ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाने वालों पर भी लाठीचार्ज किया जाएगा तो लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार कहां बचेगा।
प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था और कार्रवाई को लेकर भी नाराजगी जताई। लाठीचार्ज के दौरान कुछ मीडियाकर्मियों के घायल होने की भी खबर सामने आई है।

‘एक वैज्ञानिक हमारे लिए लड़ रहा है’
प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने सोनम वांगचुक के समर्थन में जोरदार आवाज उठाई। छात्रों का कहना है कि सोनम वांगचुक उनके अधिकारों और भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।
एक प्रदर्शनकारी छात्र ने कहा कि एक वैज्ञानिक उनके लिए भूख हड़ताल पर बैठा है, लेकिन कोई उनके बारे में सोच नहीं रहा। छात्रों ने कहा कि सोनम वांगचुक उनके लिए लड़ रहे हैं और वे सभी उनके साथ खड़े हैं।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सोनम वांगचुक के साथ जोर-जबरदस्ती नहीं होनी चाहिए। उनका कहना है कि सरकार को प्रदर्शनकारियों की बात सुननी चाहिए और मुद्दों का समाधान बातचीत के जरिए निकालना चाहिए।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी छात्रों ने उठाए सवाल
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि देश की शिक्षा व्यवस्था में कई गंभीर समस्याएं हैं, लेकिन इन मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
छात्रों ने कहा कि शिक्षा से जुड़े सवालों को लेकर सरकारों को गंभीरता से काम करना चाहिए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शिक्षा व्यवस्था की समस्याओं पर राजनीतिक दल और सरकारें पर्याप्त चर्चा नहीं करतीं, जबकि छात्र लगातार इन समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
छात्रों ने कहा कि सोनम वांगचुक इन मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे हैं और इसी वजह से बड़ी संख्या में लोग उनके समर्थन में जंतर-मंतर पहुंच रहे हैं।

प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे कई राजनीतिक नेता
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कई राजनीतिक नेताओं के पहुंचने की भी जानकारी सामने आई। बताया जा रहा है कि मनीष सिसोदिया, आतिशी सिंह और चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे।
इन नेताओं की मौजूदगी के बाद प्रदर्शन को राजनीतिक समर्थन भी मिला। हालांकि, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका मुख्य मुद्दा सोनम वांगचुक का समर्थन करना और छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठाना है।
जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के बाद सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई। प्रदर्शनकारियों की भीड़ और बैरिकेडिंग तोड़े जाने की खबर के बाद प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
जंतर-मंतर स्थिति पर प्रशासन की नजर
लाठीचार्ज और बैरिकेडिंग तोड़े जाने की खबरों के बाद जंतर-मंतर पर स्थिति को लेकर प्रशासन सतर्क है। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तनाव की स्थिति बनने की खबर है।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस या प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार है। प्रदर्शनकारियों की ओर से लाठीचार्ज और घायलों को लेकर आरोप लगाए गए हैं, जिनकी स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
फिलहाल जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी छात्र और अन्य लोग उनके समर्थन में नारे लगा रहे हैं और सरकार से उनकी मांगों पर ध्यान देने की अपील कर रहे हैं।
गीतांजली ने शांति मार्च शुरू किया
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो (Gitanjali J. Angmo) ने कहा कि हमारा फोकस शिक्षा व्यवस्था की बदहाली को लेकर शांति प्रदर्शन पर है। गीतांजली सामाजिक उद्यमी और शिक्षाविद हैं। शांति मार्च शुरू करते हुए उन्होने कहा कि हमें आगे बढ़ना है और हम अपनी बातों पर कायम हैं।

लाठीचार्ज से बढ़ी नाराज़गी
सोनम वांगचुक के समर्थन में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग जुटे। महिलाओं और छात्रों की मौजूदगी के बीच कई राजनीतिक नेताओं के भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने की जानकारी सामने आई। इसी दौरान लाठीचार्ज की खबर के बाद प्रदर्शनकारियों में नाराजगी बढ़ गई और बैरिकेडिंग तोड़े जाने की बात सामने आई।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे थे और सोनम वांगचुक के समर्थन में जुटे हैं। छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। वहीं, लाठीचार्ज में छात्रों और कुछ मीडियाकर्मियों के घायल होने की खबरों को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। (Expose India)
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