बाराबंकी में विकास योजनाओं की समीक्षा: डीएम ने दिए सख्त निर्देश, सड़क मरम्मत, गौ आश्रय, आवास-स्वच्छता कार्यों में तेजी लाने पर जोर

बाराबंकी। डीएम बाराबंकी ईशान प्रताप सिंह ने ग्राम विकास, पंचायती राज, गौ आश्रय स्थलों और जिला स्वच्छता समिति से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को विकास कार्यों में तेजी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट स्थित लोकसभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में डीएम ने महिला स्वयं सहायता समूहों को समय से भुगतान, फैमिली आईडी निर्माण में तेजी तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) सहित अन्य योजनाओं की प्रगति में अपेक्षित सुधार लाने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्रों और अन्नपूर्णा भवनों के शेष कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा कर उनका संचालन शुरू कराने पर भी जोर दिया।

बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की प्राथमिकता से मरम्मत कराने के निर्देश

डीएम बाराबंकी ने कहा कि वर्षा ऋतु के दौरान जिन गांवों और मोहल्लों की सड़कें व गलियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं, उनकी सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कराई जाए, ताकि लोगों को आवागमन में किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त रखने और जलभराव वाले स्थानों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

गौ आश्रय स्थलों में चारा, पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था पर विशेष जोर

गौ आश्रय स्थलों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने नामित नोडल अधिकारियों को खंड विकास अधिकारियों के साथ नियमित निरीक्षण करने और व्यवस्थाओं की सतत निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आश्रय स्थलों पर हरा चारा, साइलेज और भूसे की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे तथा बारिश के दौरान किसी भी स्थिति में जलभराव न हो। इसके अलावा पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण, स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी हर हाल में सुनिश्चित की जाएं।

ओडीओपी और ओडीओसी से जुड़ें स्वयं सहायता समूह, महिलाओं को मिले स्वरोजगार

जिलाधिकारी बाराबंकी ने वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) और एक जनपद एक व्यंजन (ओडीओसी) योजनाओं को महिला स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि समूहों की महिलाओं को स्थानीय उत्पादों के निर्माण, मूल्य संवर्धन, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन से जोड़कर उन्हें स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएं। प्रत्येक विकास खंड के विशिष्ट उत्पादों के आधार पर प्रशिक्षण और प्रोत्साहन देने के भी निर्देश दिए गए।

गांवों में स्वच्छता, शौचालय निर्माण और पंचायत सहायकों के मानदेय पर भी समीक्षा

पंचायती राज विभाग की समीक्षा करते हुए डीएम ने गांवों में स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत बनाने, नालियों की नियमित सफाई, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा अधूरे शौचालयों का निर्माण शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पंचायत सहायकों का मानदेय समय से भुगतान सुनिश्चित करने और ग्राम पंचायतों में स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण बनाए रखने के लिए नियमित मॉनिटरिंग करने पर भी जोर दिया।

पेंशन आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण और योजनाओं में पारदर्शिता पर जोर

बैठक में डीएम ने पेंशन योजनाओं के लंबित आवेदनों का समयबद्ध सत्यापन कर पात्र लाभार्थियों को शीघ्र लाभान्वित करने, ग्राम पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों की नियमित समीक्षा करने तथा सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में जिला विकास अधिकारी भूषण कुमार, परियोजना निदेशक डीआरडीए राकेश कुमार सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।