दिल्ली महिला आयोग को मिला नया नेतृत्व, लता गुप्ता बनीं चेयरपर्सन; 5 नए सदस्यों की भी नियुक्ति

दिल्ली महिला आयोग की चेयरपर्सन लता गुप्ता और 5 नए सदस्यों की नियुक्ति
दिल्ली सरकार ने लता गुप्ता को दिल्ली महिला आयोग की चेयरपर्सन नियुक्त किया है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने दिल्ली महिला आयोग को नया नेतृत्व दिया है। बीजेपी नेता लता गुप्ता को दिल्ली महिला आयोग की चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही आयोग में पांच नए सदस्यों की भी नियुक्ति की गई है। चेयरपर्सन का पद जनवरी 2024 में स्वाति मालीवाल के इस्तीफे के बाद से खाली था।

2 साल से ज्यादा समय बाद दिल्ली महिला आयोग को मिली चेयरपर्सन

दिल्ली मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से रविवार को बताया गया कि लता गुप्ता को दिल्ली महिला आयोग का नया चेयरपर्सन बनाया गया है। यह पद दो साल से ज्यादा समय से खाली था।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी जानकारी के मुताबिक, लता गुप्ता के साथ पांच नए सदस्यों की भी नियुक्ति की गई है। इनमें श्याम बाला, मालती वर्मा, लता सोढ़ी, सनरिका शर्मा झा और रेनू भल्ला शामिल हैं।

इन नियुक्तियों के बाद दिल्ली महिला आयोग के कामकाज को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

दिल्ली महिला आयोग में 5 नए सदस्यों की नियुक्ति

दिल्ली सरकार ने आयोग में पांच सदस्यों की नियुक्ति की है। नई नियुक्तियों में श्याम बाला, मालती वर्मा, लता सोढ़ी, सनरिका शर्मा झा और रेनू भल्ला के नाम शामिल हैं।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि दिल्ली महिला आयोग महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, अधिकारों के संरक्षण और महिला सशक्तिकरण को सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाता है। सरकार के मुताबिक, नई नियुक्तियों से आयोग के काम को रफ्तार मिलेगी और महिलाओं को न्याय, सुरक्षा और सहायता उपलब्ध कराने का काम और प्रभावी हो सकेगा।

जनवरी 2024 में खाली हुआ था चेयरपर्सन का पद

दिल्ली महिला आयोग के चेयरपर्सन का पद जनवरी 2024 में खाली हुआ था। उस समय स्वाति मालीवाल के इस्तीफे के बाद यह पद रिक्त हो गया था। इसके बाद से आयोग के कामकाज को लेकर लगातार सवाल उठते रहे।

नई दिल्ली के विकास भवन में स्थित दिल्ली महिला आयोग का कार्यालय जनवरी 2024 से लगभग बंद था, क्योंकि आयोग के पास कोई अध्यक्ष नहीं था। आयोग की वेबसाइट पर अध्यक्ष और सदस्य सचिव समेत चार पदों के रिक्त होने की जानकारी दिखाई गई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने भी जताई थी चिंता

दिसंबर 2025 में एक मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली महिला आयोग के कामकाज को लेकर चिंता जताई थी। अदालत ने सवाल उठाया था कि ऐसी स्थिति में महिलाएं अपनी शिकायतों और समस्याओं को लेकर कहां जाएंगी।

दिल्ली महिला आयोग का गठन वर्ष 1994 में महिलाओं के लिए संविधान और अन्य कानूनों में दिए गए सुरक्षा उपायों से जुड़े मामलों की जांच और परीक्षण के लिए किया गया था। आयोग महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और शोषण से जुड़े मामलों के अलावा परामर्श, बचाव और कानूनी सहायता जैसे कार्यों से भी जुड़ा है।

महिलाओं को न्याय और सुरक्षा दिलाने में अहम भूमिका

दिल्ली सरकार का कहना है कि दिल्ली महिला आयोग महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आयोग के सामने महिलाओं के साथ होने वाले दुर्व्यवहार, शोषण और अन्य समस्याओं से जुड़े मामले आते हैं।

नई नियुक्तियों के बाद अब आयोग के कामकाज को फिर से गति मिलने की उम्मीद है। सरकार ने कहा है कि महिलाओं को न्याय, सुरक्षा और सहायता देने की व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाएगा।

अल्पसंख्यक आयोग में भी 3 नई नियुक्तियां

दिल्ली सरकार ने दिल्ली महिला आयोग के साथ-साथ दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग में भी नई नियुक्तियां की हैं।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, निर्मल जैन को दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके अलावा कुलदीप सिंह और मोहम्मद हारून को आयोग का सदस्य बनाया गया है।

सरकार ने कहा कि वह समाज के सभी वर्गों के अधिकारों, सम्मान और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार के मुताबिक, ये नियुक्तियां सामाजिक सद्भाव और समावेशी विकास को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

महिला आयोग की चेयरपर्सन

दिल्ली सरकार ने दो साल से ज्यादा समय से खाली पड़े दिल्ली महिला आयोग के चेयरपर्सन पद पर लता गुप्ता की नियुक्ति की है। इसके साथ ही पांच नए सदस्यों को भी आयोग में जिम्मेदारी दी गई है। अब उम्मीद है कि नई टीम के साथ दिल्ली महिला आयोग महिलाओं की सुरक्षा, न्याय और अधिकारों से जुड़े मामलों में फिर से सक्रिय भूमिका निभाएगा। (Expose India)

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