
बाराबंकी। जैदपुर विधानसभा क्षेत्र के विकासखंड सिद्धौर अंतर्गत ग्राम पंचायत सैदनपुर पोरई में आयोजित ऐतिहासिक नाग देवता मेले का सोमवार को भव्य शुभारंभ उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री सतीश शर्मा ने विधिवत पूजा-अर्चना एवं फीता काटकर किया। उद्घाटन के साथ ही हजारों श्रद्धालुओं ने नाग देवता के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
राज्यमंत्री सतीश शर्मा ने नाग देवता मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद कहा कि धार्मिक मेले भारतीय संस्कृति, सामाजिक समरसता और हमारी गौरवशाली परंपराओं के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने सैदनपुर पोरई के नाग देवता मेले को क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र बताते हुए आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई दी और भविष्य में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
हैदरगढ़ विधायक दिनेश रावत ने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के साथ-साथ सामाजिक एकता और भाईचारे को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि मेले स्थानीय व्यापार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति देते हैं तथा श्रद्धालुओं से मेले की गरिमा बनाए रखने की अपील की।
उद्घाटन के बाद अतिथियों ने मेले का भ्रमण कर विभिन्न दुकानों, झूलों और प्रदर्शनी का अवलोकन किया। बच्चों के लिए आकर्षक झूले, खिलौनों की दुकानें, मिठाइयों और स्थानीय व्यंजनों के स्टॉल लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। दिनभर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मेले में उमड़ती रही और लोगों ने धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर नाग देवता का आशीर्वाद प्राप्त किया।
आयोजन समिति की ओर से पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस प्रशासन भी पूरे समय मुस्तैद रहा, जिससे मेले का आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
इस अवसर पर संतोष कुमार शुक्ला शास्त्री, नीरज वर्मा, पवन मिश्रा, दीपेंद्र मिश्रा, उत्तम मिश्रा, रामकुमार मिश्रा, बिंद्रा वर्मा, मनीष यादव, अम्बरीष रावत (पूर्व प्रत्याशी, जैदपुर), भाजपा जिला उपाध्यक्ष बृजेश रावत सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
ग्रामीणों ने बताया कि सैदनपुर पोरई का नाग देवता मेला वर्षों पुरानी परंपरा का हिस्सा है और हर वर्ष सावन मास में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ आयोजित किया जाता है। धार्मिक आस्था, सामाजिक मेल-मिलाप और स्थानीय संस्कृति का यह अनूठा संगम इस वर्ष भी हजारों श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा।