अतिवृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का शुरू हुआ भौतिक सत्यापन, करीब 50 ग्राम पंचायतों में पहुंचीं कृषि विभाग की टीमें

बाराबंकी। अतिवृष्टि और लगातार हुई बारिश से फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए कृषि विभाग ने गांव-गांव जाकर भौतिक सत्यापन शुरू कर दिया है। शासन की मंशा और जिलाधिकारी के निर्देश के क्रम में कृषि विभाग की टीमें रामनगर तहसील क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों में पहुंचकर खेतों का निरीक्षण कर रही हैं। सत्यापन के बाद तैयार रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित और पात्र किसानों को नियमानुसार आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
भौतिक सत्यापन के लिए न्याय पंचायत प्रभारियों के साथ फसल बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों और राजस्व लेखपालों को लगाया गया है। टीमें खेतों में पहुंचकर बारिश और जलभराव से फसलों को हुए नुकसान की स्थिति का मौके पर निरीक्षण कर रही हैं। प्रारंभिक निरीक्षण में कई क्षेत्रों में फसलों को काफी नुकसान होने की संभावना सामने आई है।
करीब 50 ग्राम पंचायतों में पहुंचीं टीमें
कृषि विभाग की टीमों ने रामपुर खरगी, दतौली, त्रिलोकपुर, बुधेड़ा, थल खुर्द, दलसराय, कटियार समेत करीब 50 ग्राम पंचायतों में पहुंचकर फसलों का भौतिक सत्यापन किया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने किसानों से बारिश और जलभराव के कारण फसलों को हुए नुकसान की जानकारी ली। इसके बाद खेतों में पहुंचकर वास्तविक स्थिति का जायजा लिया गया।
निरीक्षण के दौरान टीमों ने फसल की स्थिति, खेतों में जलभराव और बारिश से हुए नुकसान का मौके पर आकलन किया। किसानों द्वारा बताई गई जानकारी को भी सत्यापन प्रक्रिया में शामिल किया गया, जिससे नुकसान की वास्तविक स्थिति का रिकॉर्ड तैयार किया जा सके।
अधिकारियों-कर्मचारियों ने गांव-गांव किया भ्रमण
सहायक विकास अधिकारी कृषि डॉ. दलबीर सिंह के नेतृत्व में स्टोर इंचार्ज प्रभारी प्रदीप कुमार वर्मा, न्याय पंचायत प्रभारी अश्वनी रैकवार, प्रियंका रावत, आरती जैसवाल, वीरेंद्र कुमार, राजेश कुमार यादव और निशा पांडेय समेत अन्य कर्मचारियों ने गांव-गांव पहुंचकर फसलों का निरीक्षण किया।
कृषि विभाग की टीमों ने मौके पर मिली स्थिति के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर संबंधित अधिकारियों को सौंप दी है। विभाग की ओर से सभी संबंधित ग्राम पंचायतों में फसल नुकसान का सत्यापन पूरा कराने की प्रक्रिया जारी है।
सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर मिलेगी सहायता
अधिकारियों के मुताबिक विभिन्न ग्राम पंचायतों से प्राप्त रिपोर्टों को संकलित कर शासन को भेजा जाएगा। सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार पात्र किसानों को फसल नुकसान के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
अतिवृष्टि और जलभराव के कारण फसलों को हुए नुकसान के बाद किसानों को अब भौतिक सत्यापन पूरा होने और शासन स्तर से मिलने वाली सहायता की उम्मीद है। कृषि विभाग की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर स्थिति का आकलन कर रही हैं।