
लखनऊ। नारी शिक्षा निकेतन स्नातकोत्तर में महाविद्यालय के प्रबंधक नीरज पाठक के संरक्षण तथा प्राचार्या प्रो. सुनीता कुमार और पद्मश्री गुलाब कोठारी द्वारा लिखी पुस्तक “स्त्री: देह से परे भी, देह के लिए भी” विषय पर छात्रा संवाद एवं परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को महिला स्वास्थ्य, जागरूकता और आत्मसम्मान से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने संबोधित किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और महाविद्यालय के कुलगीत के साथ हुआ। मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता डॉ. सरिता सिंह, प्रोफेसर एवं विशेषज्ञ, एनेस्थीसिया विभाग एवं पेन मैनेजमेंट यूनिट, King George’s Medical University तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. मीनू शर्मा (नारी सेवा समिति) उपस्थित रहीं।
हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. इंदु कनौजिया ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की भूमिका प्रस्तुत की। इसके बाद प्राचार्या प्रो. सुनीता कुमार ने पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से महाविद्यालय का परिचय दिया और छात्राओं को ऐसे जागरूकतापरक कार्यक्रमों में निरंतर भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

विशिष्ट अतिथि डॉ. मीनू शर्मा ने स्त्री-अस्मिता, स्वास्थ्य जागरूकता और समाज की सोच पर अपने विचार रखे। मुख्य वक्ता डॉ. सरिता सिंह ने महिलाओं की स्वस्थ जीवनशैली, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण तथा विशेष रूप से सर्वाइकल कैंसर और ब्रेस्ट कैंसर के कारण, लक्षण, बचाव एवं समय पर जांच की आवश्यकता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं से स्वास्थ्य संबंधी भ्रांतियों से दूर रहकर जागरूक और सतर्क रहने का आह्वान किया।

संवाद सत्र के दौरान छात्राओं ने महिला स्वास्थ्य से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे, जिनका डॉ. सरिता सिंह ने सरल और वैज्ञानिक तरीके से उत्तर दिया। इस संवादात्मक सत्र ने छात्राओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और आत्मविश्वास बढ़ाने का कार्य किया।
कार्यक्रम में लगभग 170 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। महाविद्यालय की सभी कनिष्ठ एवं वरिष्ठ प्रवक्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अन्तिमा चौधरी ने किया। प्रो. रजिया, प्रो. इंदु कनौजिया, डॉ. अन्तिमा चौधरी, डॉ. कीर्ति शर्मा एवं सुश्री नेहा निषाद के सक्रिय सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अंत में प्राचार्या प्रो. सुनीता कुमार ने सभी अतिथियों, आयोजकों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।