असम-अरुणाचल सीमा सीमा पर स्थानीय समुदायों में बढ़ी चिंता, शांति बहाली पर प्रशासन का फोकस

डिजिटल डेस्क, गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा है कि धेमाजी जिले में असम और अरुणाचल प्रदेश के लोगों के बीच झड़प के बाद पैदा हुआ तनाव अब समाप्त हो गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, असम-अरुणाचल सीमा विवाद से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए दोनों राज्यों के अधिकारियों ने मिलकर काम किया, जिसके बाद हालात सामान्य होने लगे हैं।
हाल के दिनों में सीमा क्षेत्र में हुई फायरिंग और उसके बाद बढ़े तनाव ने दोनों राज्यों के प्रशासन की चिंता बढ़ा दी थी। हालांकि अब सरकार का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है और प्रभावित क्षेत्रों में शांति बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
असम-अरुणाचल सीमा विवाद पर सीएम सरमा का बयान
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोमवार को कहा कि धेमाजी जिले में हुई घटना के बाद राज्य सरकार ने तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि असम सरकार ने अपने मंत्री, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को अरुणाचल प्रदेश में अपने समकक्ष अधिकारियों के साथ बातचीत करने का निर्देश दिया था।
सीएम सरमा के अनुसार, बातचीत का मुख्य उद्देश्य प्रभावित क्षेत्र में शांति बहाल करना और असम-अरुणाचल सीमा विवाद से जुड़े तनाव को कम करना था। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के प्रशासनिक अधिकारियों के समन्वित प्रयासों के बाद स्थिति में सुधार आया है।
कब-कब विवाद के चलते हुई फायरिंग

मिंगमांग बस्ती में फायरिंग के बाद बढ़ा था तनाव
असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा के पास स्थित मिंगमांग बस्ती में हालिया फायरिंग के बाद तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, फायरिंग की चपेट में आने से 18 लोग प्रभावित हुए, जबकि इनमें से चार लोगों की हालत गंभीर बताई गई।
प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया है कि सीमा क्षेत्र के पास जमीन अतिक्रमण को लेकर विवाद हुआ था। इसी विवाद के दौरान अरुणाचल प्रदेश से जुड़े एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा कथित तौर पर पहले फायरिंग किए जाने की बात सामने आई।
फायरिंग के बाद कई लोग घायल हो गए, जिससे असम-अरुणाचल सीमा विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर तनाव बढ़ गया और प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप करना पड़ा।
घायलों का इलाज और प्रशासन की कार्रवाई
घटना के बाद घायलों को सबसे पहले नजदीकी अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल चार लोगों को बाद में असम मेडिकल कॉलेज और डिब्रूगढ़ स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी गई। दोनों राज्यों के अधिकारियों ने समन्वय बनाकर क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया।
सरकार का कहना है कि प्रभावित इलाकों में शांति बहाल करने और लोगों के बीच विश्वास कायम करने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।
मिसिंग युवक की गोलीबारी से भी जुड़ा है मामला
यह घटना अरुणाचल प्रदेश के निचले सियांग जिले में कांगकू सर्कल के पास एक मिसिंग युवक से जुड़ी गोलीबारी की दूसरी घटना के संदर्भ में भी देखी जा रही है। निचला सियांग जिला धेमाजी की सीमा से जुड़ा हुआ है।
रिपोर्ट के अनुसार, युवक कथित तौर पर लापता हो गया था और बाद में पैर में चोट के साथ मिला। हालांकि गोलीबारी के लिए जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान और घटनाक्रम अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।
इस घटना के बाद धेमाजी और निचला सियांग क्षेत्र के लोगों के बीच तनाव बढ़ने की खबरें सामने आईं। इससे असम-अरुणाचल सीमा विवाद से जुड़े इलाकों में भी चिंता बढ़ गई।
फायरिंग-हिंसक घटनाएं

स्थानीय समुदायों में बढ़ी चिंता
रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि घटना के बाद मिसिंग और गैलो समुदायों के बीच भी चिंता का माहौल बना। सीमा क्षेत्र में रहने वाले लोगों के बीच सुरक्षा और शांति को लेकर सवाल उठने लगे।
स्थिति को देखते हुए असम सरकार और अरुणाचल प्रदेश प्रशासन ने संयुक्त रूप से शांति बनाए रखने की दिशा में प्रयास तेज कर दिए। प्रशासन का मानना है कि संवाद और समन्वय के जरिए किसी भी बड़े विवाद को टाला जा सकता है।
दोनों राज्यों की पहल से सामान्य हुए हालात
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के अनुसार, दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच हुई बातचीत का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। सरकार का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में हालात सामान्य हो रहे हैं और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
पूर्वोत्तर के इन दोनों राज्यों को पहले भी सीमा संबंधी विवादों का सामना करना पड़ा है। ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर त्वरित संवाद और सहयोग को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सीमा क्षेत्र में शांति बहाली पर प्रशासन का फोकस
असम-अरुणाचल सीमा विवाद से उपजे हालिया तनाव के बाद दोनों राज्यों की सरकारों ने स्पष्ट किया है कि प्राथमिकता शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के अनुसार, प्रशासनिक स्तर पर किए गए प्रयासों से विवाद का समाधान हो गया है और प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने की दिशा में काम जारी है। आने वाले दिनों में दोनों राज्यों के बीच समन्वय और संवाद की प्रक्रिया आगे भी जारी रहने की संभावना है। (Expose India)
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