जैन विद्या शोध संस्थान को मिली नई टीम, उपाध्यक्ष समेत 9 सदस्य नामित


लखनऊ, 7 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश सरकार ने संस्कृति विभाग के अधीन स्वायत्तशासी संस्था उत्तर प्रदेश जैन विद्या शोध संस्थान, लखनऊ की सामान्य परिषद के लिए उपाध्यक्ष एवं सदस्यों का नामांकन किया है। शासन के प्रावधानों के तहत कुल 9 महानुभावों को तत्काल प्रभाव से सदस्य के रूप में नामित किया गया है।
नामित सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्ष का होगा। हालांकि, यदि राज्य सरकार इससे पहले किसी सदस्य को पद से हटा देती है तो उनका कार्यकाल उसी तिथि को समाप्त माना जाएगा।
उपाध्यक्ष समेत इन 9 लोगों को मिली जिम्मेदारी
शासन द्वारा नामित सदस्यों में प्रोफेसर (डॉ.) अभय कुमार जैन, आशियाना कॉलोनी, लखनऊ को उपाध्यक्ष/सदस्य के रूप में नामित किया गया है।
इसके अलावा राहुल जैन (मैनपुरी), आशीष जैन (फिरोजाबाद), रोहित जैन (गोरखपुर), डॉ. संजीव जैन (लखनऊ), डॉ. प्रमोद कुमार भदौरा (प्रयागराज), सुनील जैन (मैनपुरी), डॉ. सुनील कुमार जैन (ललितपुर) तथा सौरभ शास्त्री (फिरोजाबाद) को सदस्य बनाया गया है।
जैन दर्शन और शोध को मिलेगा बढ़ावा
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि शासन द्वारा नामित सदस्यों में पाली, जैन दर्शन, जैन विद्या तथा इससे जुड़े अन्य क्षेत्रों में ख्याति प्राप्त विद्वानों को शामिल किया गया है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि नई परिषद के गठन से जैन विद्या शोध संस्थान के कार्यों में तेजी आएगी और संस्थान अपने निर्धारित उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने में सफल होगा। संस्थान के माध्यम से जैन दर्शन, साहित्य, संस्कृति और शोध से जुड़े कार्यों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।