BRICS सम्मेलन में आने वाले विदेशी मेहमानों के लिए भारत की पाक विविधता को खास अंदाज में पेश करने की तैयारी है।

नई दिल्ली/अमर भारती। नई दिल्ली में होने वाला BRICS Summit 2026 सिर्फ कूटनीतिक बैठकों और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा तक सीमित नहीं रहने वाला है। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में भारत अपनी कूटनीतिक ताकत के साथ-साथ अपनी समृद्ध पाक विरासत की झलक भी दुनिया के सामने रखने की तैयारी में है।
BRICS सम्मेलन में शामिल होने वाले विदेशी मेहमानों की मेज पर भारत के अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों का स्वाद नजर आएगा। एक ही मेन्यू में रागी डोसा, बाजरे का उपमा, मिलेट पोंगल, कश्मीरी पुलाव, हैदराबादी बिरयानी और लखनवी कबाब जैसे अलग-अलग भारतीय व्यंजन शामिल किए जाने की तैयारी है।
दिल्ली के पांच सितारा होटलों से लेकर भारत मंडपम तक विदेशी मेहमानों के लिए भोजन की विशेष व्यवस्था की जा रही है। मेन्यू में केवल स्वाद का ध्यान नहीं रखा जा रहा, बल्कि मेहमानों की डाइट, धार्मिक प्राथमिकताओं और खानपान की आदतों को भी ध्यान में रखा जा रहा है।
एक प्लेट में दिखेगा भारत का स्वाद
BRICS Summit के दौरान भारत की पाक विरासत को केवल कुछ चुनिंदा लोकप्रिय व्यंजनों तक सीमित नहीं रखा गया है। मेन्यू में देश के अलग-अलग हिस्सों की पारंपरिक खानपान संस्कृति को जगह देने की कोशिश की गई है। श्री अन्न यानी मिलेट्स से तैयार होने वाले व्यंजन भी इस मेन्यू का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगे। रागी डोसा, बाजरा उपमा और मिलेट पोंगल के साथ मौसमी फल, नारियल पानी और ताजा छाछ जैसे विकल्प मेहमानों को परोसे जाने की तैयारी है। यह मेन्यू भारत की उस खाद्य परंपरा को सामने लाने का प्रयास है जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों की जलवायु, कृषि और स्थानीय परंपराओं के हिसाब से भोजन की अपनी अलग पहचान बनी है।
दोपहर की थाली में क्षेत्रीय स्वाद
दोपहर के भोजन में भी भारत की विविधता को प्रमुखता दी जाएगी। मेन्यू में गुजराती और राजस्थानी थाली के साथ दक्षिण भारतीय स्वाद शामिल होगा। इसके अलावा कश्मीरी पुलाव, दक्कनी तड़का, हैदराबादी वेज और नॉन-वेज बिरयानी तथा दक्षिण भारतीय स्ट्यू जैसे व्यंजन भी विदेशी मेहमानों के सामने पेश किए जाएंगे। यानी किसी मेहमान की प्लेट में उत्तर भारत का स्वाद हो सकता है, तो किसी की थाली में दक्षिण भारत की पहचान। कोई कश्मीर के पारंपरिक स्वाद का अनुभव कर सकता है तो कोई दक्कन और हैदराबाद के व्यंजनों का। इस तरह BRICS Summit की मेज भारत के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ने वाली एक तरह की पाक तस्वीर पेश करेगी।
विदेशी मेहमानों की पसंद के मुताबिक बदलेगा स्वाद
विदेशी मेहमानों की खानपान की आदतें भारतीय मेहमानों से अलग हो सकती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए मेन्यू में कस्टमाइजेशन की व्यवस्था भी की जा रही है।तैयारियों से जुड़े एक पांच सितारा होटल के अधिकारी के मुताबिक अलग-अलग देशों के खानपान और डाइट को ध्यान में रखते हुए भारतीय स्वाद और विदेशी पसंद का फ्यूजन तैयार किया जा रहा है।
लाइव कुकिंग काउंटर्स भी इस व्यवस्था का हिस्सा होंगे। यहां मेहमानों के लिए बिना तेल-मसाले का कस्टमाइज्ड कॉन्टिनेंटल नाश्ता तैयार किया जा सकेगा। इसका मतलब यह है कि यदि किसी मेहमान की डाइट में तेल या मसाले की मात्रा कम है, तो उसकी जरूरत के अनुसार खाना तैयार किया जा सकेगा।
भारत मंडपम में डिनर भी होगा खास
भारत मंडपम में विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ओर से विदेशी मेहमानों के लिए दिए जाने वाले रात्रिभोज में भी भारत की पाक विविधता देखने को मिलेगी। इसके लिए अलग-अलग राज्यों के खानसामों को साथ लाकर देश के विभिन्न क्षेत्रों के स्वाद को एक ही मेज पर पेश करने की तैयारी है। भारतीय भोजन को इस तरह प्रस्तुत किया जाएगा कि विदेशी मेहमान केवल खाना ही न खाएं, बल्कि उसके जरिए भारत की क्षेत्रीय संस्कृति और परंपरा से भी परिचित हो सकें।
VVIP मेहमानों के लिए पांच सितारा होटलों में खास तैयारी
BRICS सम्मेलन के विदेशी मेहमानों की मेजबानी के लिए लुटियंस दिल्ली के प्रमुख पांच सितारा होटलों में भी तैयारियां तेज हैं। ताज महल होटल, ताज पैलेस, आईटीसी मौर्या, द लीला पैलेस, द ओबेरॉय, शांग्री-ला और द ललित में VVIP ब्लॉक बुक किए जाने की जानकारी है। द ललित में रूस, चीन, संयुक्त अरब अमीरात, दक्षिण अफ्रीका सहित अन्य देशों से आने वाले सरकारी और व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों के लिए विशेष ब्लॉक बुक किए गए हैं।
वहीं आईटीसी मौर्या, ताज महल होटल और द लीला पैलेस में ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, ईरान, यूएई और सऊदी अरब के शीर्ष नेताओं और उच्चस्तरीय राजनयिकों की मेजबानी की तैयारी की जा रही है।
कबाब और तंदूरी व्यंजनों पर खास जोर
भारतीय स्वाद की पहचान माने जाने वाले कबाब और तंदूरी व्यंजनों को भी मेन्यू में खास जगह दी गई है। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के लिए लखनवी कबाब, तंदूरी डिशेज और धीमी आंच पर तैयार की गई भारतीय ग्रेवी वाले व्यंजन परोसे जाने की तैयारी है। लखनवी कबाब भारतीय शाही पाक परंपरा की पहचान माने जाते हैं, जबकि तंदूरी व्यंजन भारत की लोकप्रिय पाक शैली को दर्शाते हैं। हैदराबादी बिरयानी जैसे व्यंजन भी मेन्यू में भारतीय क्षेत्रीय स्वाद को मजबूत करेंगे।
शाकाहारी और मांसाहारी भोजन के लिए अलग व्यवस्था
विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की धार्मिक और निजी खानपान प्राथमिकताओं को भी ध्यान में रखा जा रहा है। शुद्ध शाकाहारी और मांसाहारी भोजन के लिए अलग-अलग सेक्शन बनाए गए हैं। दोनों प्रकार के भोजन के लिए समर्पित किचन की व्यवस्था की जा रही है। इससे मेहमानों को अपनी जरूरत और पसंद के मुताबिक भोजन चुनने में आसानी होगी। साथ ही भारतीय पारंपरिक व्यंजनों को भी उचित स्थान मिलेगा।
स्वाद के साथ खाद्य सुरक्षा पर भी नजर
BRICS Summit में भोजन की तैयारी जितनी महत्वपूर्ण है, उतनी ही महत्वपूर्ण खाद्य सुरक्षा भी है। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधिमंडलों के लिए तैयार होने वाले भोजन में सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI की ओर से होटलों में इस्तेमाल होने वाले कच्चे सामान, मसालों और बेकरी उत्पादों की नियमित लैब टेस्टिंग किए जाने की जानकारी है। पांच सितारा होटलों के किचन में निगरानी बढ़ाई गई है और खाद्य सुरक्षा को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। विशेष खाद्य सुरक्षा अधिकारियों और सूक्ष्मजीव विज्ञानियों की तैनाती की तैयारी भी की जा रही है।
मेहमानों तक खाना पहुंचने से पहले उसकी गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच की जाएगी। यानी विदेशी मेहमानों की प्लेट तक पहुंचने वाला हर व्यंजन स्वाद के साथ सुरक्षा के पैमाने पर भी खरा उतरे, इसका ध्यान रखा जा रहा है।
कूटनीति के साथ भारतीय जायके की मेजबानी
BRICS Summit 2026 भारत के लिए वैश्विक कूटनीति का बड़ा मंच है। ऐसे में विदेशी नेताओं की मेजबानी के दौरान भोजन भी भारत की सॉफ्ट पावर का हिस्सा बनता दिखाई देगा। मेज पर कहीं मिलेट्स का देसी स्वाद होगा, कहीं क्षेत्रीय थाली की पहचान और कहीं लखनवी कबाब तथा हैदराबादी बिरयानी जैसे लोकप्रिय व्यंजन।
इस पूरी तैयारी का मकसद केवल विदेशी मेहमानों को भोजन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि भारतीय खानपान की विविधता और परंपरा की झलक एक ही आयोजन में दुनिया के सामने रखना भी है। BRICS Summit की बैठकों में जहां वैश्विक मुद्दों पर बातचीत होगी, वहीं डिनर टेबल पर भारत की विविध संस्कृति और स्वाद की कहानी भी सुनाई देगी।
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