आस्था कुंज गैंगरेप केस में आरोपी आसिफ की पहचान किशोरी के बताए हुलिये से हुई। पुलिस DNA, CCTV और तकनीकी साक्ष्यों से जांच आगे बढ़ा रही है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय किशोरी से कथित Gang-Rape के मामले में पुलिस जांच लगातार आगे बढ़ रही है। मामले में गिरफ्तार आरोपितों में शामिल आसिफ की पहचान किशोरी द्वारा बताए गए हुलिये, कपड़ों और आरोपितों के एक-दूसरे को बुलाने के नाम के आधार पर की गई। जांच में यह भी सामने आया है कि आसिफ पहले पुलिस के लिए मुखबिर के तौर पर काम कर चुका है। पुलिस अब घटनास्थल से मिले वैज्ञानिक साक्ष्यों, DNA प्रोफाइलिंग, CCTV फुटेज और तकनीकी जांच के जरिए पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है।
किशोरी के बताए हुलिये से हुई आसिफ की पहचान
अमर कॉलोनी थाने में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, घटना के बाद किशोरी ने पुलिस को आरोपितों के हुलिये के बारे में अहम जानकारी दी थी। उसने पुलिस को बताया कि Gang-Rape के एक आरोपित ने बैंगनी रंग की शर्ट, दूसरे ने काले रंग के कपड़े और तीसरे ने लाल रंग के कपड़े पहने हुए थे।
किशोरी ने यह भी बताया कि आरोपित एक-दूसरे को किन नामों से बुला रहे थे। पुलिस ने इन जानकारियों को आधार बनाकर जांच आगे बढ़ाई और इसी क्रम में आसिफ की पहचान की गई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आसिफ पहले पुलिस के लिए मुखबिर के तौर पर काम कर चुका है।
2025 में अमेरिकी नागरिक से लूट के मामले में भी आया था नाम
Gang-Rape मामले की जांच में आसिफ का नाम वर्ष 2025 में आस्था कुंज पार्क के पास एक अमेरिकी नागरिक के साथ हुई लूट की घटना में भी सामने आया था। पुलिस के अनुसार, उस घटना में बदमाशों ने अमेरिकी नागरिक पर चाकू से हमला कर उसका मोबाइल फोन लूट लिया था। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने रात के समय पार्क में घूमने वाले चार-पांच लोगों को हिरासत में लिया था, जिनमें आसिफ भी शामिल था। हालांकि, उस मामले में जांच के दौरान आसिफ की संलिप्तता नहीं पाई गई थी।
दोस्त के साथ पार्क में बैठी थी किशोरी
एफआईआर के मुताबिक, किशोरी 21 सितंबर की रात करीब 7:30 बजे शंभू दयाल बाग के पास स्थित आस्था कुंज पार्क के गेट नंबर-8 पर पहुंची थी। बताया गया है कि उसे इस्कॉन मंदिर जाना था। किशोरी गेट के पास एक बेंच पर अपने दोस्त के साथ बैठकर चिप्स खा रही थी। इसी दौरान तीन आरोपित वहां पहुंचे। आरोप है कि वे किशोरी को गेट नंबर-8 के पास नर्सरी वाले हिस्से में ले गए, जहां उसके साथ Gang-Rape किया गया।
एफआईआर के अनुसार, इसके बाद तीसरे आरोपित ने भी उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोप है कि घटना के बारे में किसी को बताने पर किशोरी को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।
किशोरी की निशानदेही पर घटनास्थल की जांच
घटना के बाद किशोरी ने पुलिस को घटनास्थल तक पहुंचाया। उसकी निशानदेही पर एफएसएल रोहिणी और जिला मोबाइल क्राइम टीम ने मौके का निरीक्षण किया। Gang-Rape की वारदातल की जांच टीम ने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। इनमें इस्तेमाल किए गए कंडोम और जैविक सामग्री भी शामिल बताई गई है।
DNA जांच से जुड़े अहम साक्ष्य
Gang-Rape की वारदात को लेकर पुलिस इन साक्ष्यों की DNA प्रोफाइल तैयार करा रही है। जांच एजेंसियां DNA प्रोफाइल की तुलना आरोपितों से मिलने वाले नमूनों के साथ कर सकती हैं, ताकि घटनास्थल से मिले वैज्ञानिक साक्ष्यों और आरोपितों के बीच संबंध की जांच की जा सके। यदि जांच में वैज्ञानिक साक्ष्य आरोपितों से जुड़ते हैं, तो इन्हें मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई में अदालत के समक्ष पेश किया जा सकता है।
CCTV फुटेज से आरोपितों की गतिविधियों की जांच
पुलिस अब CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपितों की गतिविधियों की कड़ी जोड़ रही है। जांच का एक हिस्सा यह पता लगाने पर भी केंद्रित है कि आरोपित घटना से पहले पार्क में कब पहुंचे थे और वहां तक किस रास्ते से आए थे। पुलिस CCTV फुटेज के जरिए उनके आने-जाने के रास्ते और Gang-Rape के घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। मामले में पुलिस की जांच जारी है और वैज्ञानिक तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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