UP Rajya Sabha Election में सियासी हलचल, सपा के दो नामांकन, बीजेपी के 8 सीट जीतने का गणित

UP Rajya Sabha Election में सपा के रामगोपाल यादव और धनराज नाथवानी ने नामांकन दाखिल किया। बीजेपी गठबंधन के पास 8 सीटों का गणित है।

यूपी में राज्यसभा चुनाव को लेकर बीजेपी और सपा के बीच सियासी गणित
यूपी में राज्यसभा चुनाव को लेकर बीजेपी और सपा के बीच सियासी गणित

नई दिल्ली/अमर भारती। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव (UP Rajya Sabha Election) को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी ने रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी को उम्मीदवार बनाया है। दोनों ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है। नामांकन के दौरान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, शिवपाल यादव और पार्टी के विधायक मौजूद रहे।

सपा ने दो उम्मीदवार उतारे

रामगोपाल यादव लंबे समय से समाजवादी पार्टी के प्रमुख संसदीय चेहरों में शामिल हैं। वहीं धनराज परिमल नाथवानी को उम्मीदवार बनाए जाने से भी यूपी के राजनीतिक समीकरणों (UP Rajya Sabha Election) पर चर्चा शुरू हुई है। नाथवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े रहे हैं और उनके पिता परिमल नाथवानी राज्यसभा सांसद हैं।

बीजेपी के पास कितनी सीटों का गणित?

उत्तर प्रदेश विधानसभा की मौजूदा संख्या के आधार पर बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन के पास राज्यसभा (UP Rajya Sabha Election) की 10 में से 8 सीटें जीतने की स्थिति बताई जा रही है। वहीं कांग्रेस के समर्थन से समाजवादी पार्टी दो सीटों पर जीत हासिल करने की स्थिति में है। एक राज्यसभा सीट के लिए 37 विधायकों के समर्थन का गणित सामने आया है।

बीजेपी की ओर से हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा के नाम चर्चा में हैं। हालांकि उम्मीदवारों की अंतिम स्थिति और नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।

यूपी का सियासी गणित क्यों अहम?

उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा विधानसभा वाला राज्य है और राज्यसभा चुनाव (UP Rajya Sabha Election) में यहां की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है। इस बार 10 सीटों पर चुनाव का असर संसद में दलों की ताकत पर भी पड़ेगा। बीजेपी गठबंधन जहां अपने संख्या बल के आधार पर अधिकतम सीटें हासिल करने की स्थिति में है, वहीं सपा अपने हिस्से की सीटों को सुरक्षित करने की रणनीति पर काम कर रही है।

नामांकन के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल

सपा के दोनों उम्मीदवारों के नामांकन (UP Rajya Sabha Election) के बाद चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। अब निगाहें बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के उम्मीदवारों पर हैं। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि क्या किसी सीट पर मुकाबला अपेक्षित गणित से अलग जाकर चुनावी संघर्ष में बदलता है।

यहां भी पढ़ें-

Yamuna Expressway Bus Accident: यात्रियों ने ड्राइवर-कंडक्टर पर लगाए गंभीर आरोप, आग लगते ही मची चीख-पुकार, 9 की मौत

दुनिया के लिए क्रांतिकारी साबित हो सकता है डॉक्टर ऑन ड्यूटी: एक बूंद खून से 10 मिनट में 75 प्रकार के टेस्ट होंगे संभव