शाहजहांपुर में दो साधुओं की Murder, मंदिर परिसर में जले मिले शव

यूपी के शाहजहांपुर में मंदिर परिसर में दो बुजुर्ग साधुओं की Murder का मामला सामने आया है। पुलिस जमीन विवाद समेत कई एंगल से जांच कर रही है।

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में मंदिर परिसर में दो बुजुर्ग साधुओं की हत्या के मामले की खबर।
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में मंदिर परिसर में दो बुजुर्ग साधुओं की हत्या के मामले की खबर।

नई दिल्ली/अमर भारती। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। खुदागंज थाना क्षेत्र के सूथा गांव में मंदिर परिसर में रहने वाले दो बुजुर्ग साधुओं की Murder कर दी गई। घटना के बाद दोनों के शव मंदिर परिसर में जली हालत में मिले। वारदात की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

मंदिर परिसर में मिले शव

रिपोर्टों के मुताबिक दोनों वृद्ध मंदिर में रहकर पूजा-पाठ और देखभाल का काम करते थे। स्थानीय रिपोर्टों में मृतकों की पहचान गोपाल दास और बिहारी दास के रूप में बताई गई है। घटना (Murder) के बाद पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाने शुरू किए और वारदात के कारणों की पड़ताल शुरू की।

मंदिर की जमीन से जुड़ा विवाद

शुरुआती पुलिस जांच और स्थानीय जानकारी में मंदिर की जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद की बात सामने आई है। एक संदिग्ध युवक पर हत्या (Murder) का आरोप लगाया जा रहा है। हालांकि, आरोपी की भूमिका और वारदात के वास्तविक मकसद की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

पुलिस जांच में जुटी

पुलिस घटना के हर पहलू की जांच कर रही है। वारदात (Murder) में इस्तेमाल तरीका, मंदिर की जमीन से जुड़ा पुराना विवाद, आरोपियों की गतिविधियां और घटनास्थल से मिले साक्ष्य जांच का हिस्सा हैं। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ अन्य संभावित सुरागों की भी पड़ताल कर रही है।

गांव में दहशत का माहौल

दो बुजुर्ग साधुओं की Murder की खबर फैलते ही गांव में सनसनी फैल गई। मंदिर परिसर में हुई इस वारदात को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है।

आरोपी की तलाश

Murder की जांच रिपोर्टों में सुमित सिंह नाम के एक व्यक्ति पर संदेह जताया गया है। पुलिस उसकी भूमिका की जांच कर रही है। कुछ रिपोर्टों में मंदिर पर नियंत्रण को संभावित वजह बताया गया है, लेकिन जांच पूरी होने तक इसे अंतिम कारण नहीं माना जा सकता। मामले में पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हत्या के पीछे वास्तविक कारण क्या था और वारदात में कितने लोग शामिल थे।

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