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डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश की 69 हजार शिक्षक भर्ती का विवाद एक बार फिर चर्चा में है। भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण और चयन सूची से जुड़े विवाद के बीच आंदोलनरत अभ्यर्थियों ने केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल से मुलाकात कर अपनी मांगें रखी हैं। दूसरी ओर, मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में भी जारी है। 1 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से भर्ती से जुड़ा विस्तृत डेटा और चयनित अभ्यर्थियों की पूरी सूची पेश करने को कहा है।
69 हजार शिक्षक भर्ती में क्या है विवाद?
69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती लंबे समय से आरक्षण और चयन प्रक्रिया को लेकर विवादों में रही है। अभ्यर्थियों का एक वर्ग भर्ती में आरक्षण नियमों के सही तरीके से लागू नहीं होने का आरोप लगाता रहा है। इसी विवाद को लेकर मामला अदालत तक पहुंचा और अलग-अलग स्तरों पर सुनवाई हुई।
मई 2026 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मूल चयन सूची तैयार करने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
इसके बाद अगस्त और सितंबर में भी मामले की सुनवाई को लेकर अभ्यर्थियों की नजर सुप्रीम कोर्ट पर बनी रही। सितंबर में आरक्षण प्रभावित अभ्यर्थियों ने सरकार से मूल चयन सूची पेश करने और प्रभावित याचियों को नियमानुसार लाभ देने की मांग की थी।
सुप्रीम कोर्ट में सरकार से मांगा गया पूरा ब्योरा
मामले की हालिया सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से भर्ती से संबंधित विस्तृत आंकड़े और चयनित अभ्यर्थियों की पूरी सूची पेश करने को कहा है। यह कदम मामले में भर्ती प्रक्रिया और चयन से जुड़े रिकॉर्ड को अदालत के सामने स्पष्ट करने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
इससे पहले सरकार ने अदालत में अपने पक्ष में हलफनामा भी दाखिल किया था। जुलाई 2026 में सरकार ने कहा था कि पहले से नियुक्त शिक्षकों की नौकरी सुरक्षित रहेगी और योग्य नए अभ्यर्थियों को भी अवसर देने की व्यवस्था पर काम किया जाएगा।
अभ्यर्थियों ने अनुप्रिया पटेल के सामने रखीं मांगें
इसी बीच आंदोलनरत अभ्यर्थियों ने केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल से मुलाकात कर अपनी मांगें सौंपी हैं। अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में भर्ती में आरक्षण से प्रभावित उम्मीदवारों के हितों की रक्षा और चयन प्रक्रिया से जुड़े विवाद का समाधान शामिल है।
अभ्यर्थी चाहते हैं कि लंबे समय से चल रहे विवाद का ऐसा समाधान निकले, जिससे प्रभावित उम्मीदवारों के हितों की रक्षा हो सके और भर्ती प्रक्रिया को लेकर बनी अनिश्चितता समाप्त हो।
आगे क्या होगा?
69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में अब अदालत की आगे की सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के सामने भर्ती से संबंधित दस्तावेज और चयन सूची का पूरा ब्योरा आने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
वहीं, आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की नजर सरकार की अगली कार्रवाई पर भी है। यह मामला हजारों अभ्यर्थियों के रोजगार और आरक्षण से जुड़े दावों से संबंधित होने के कारण लंबे समय से चर्चा में बना हुआ है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में चल रही कार्यवाही और सरकार की ओर से पेश किए जाने वाले दस्तावेज इस मामले की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होंगे।