जावेद अख्तर ने पूछा- क्या राजनीतिक पार्टियों के जलसों पर भी होगी ऐसी आपत्ति?

डिजिटल डेस्क, अमर भारती। मुंबई के शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर विवाद बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने शोर, ट्रैफिक और इलाके की शांति प्रभावित होने की आशंका जताते हुए प्रदर्शन का विरोध किया है। इसी बीच लेखक जावेद अख्तर की सोशल मीडिया पोस्ट ने भी इस मुद्दे को चर्चा में ला दिया है।
शिवाजी पार्क में CJP प्रदर्शन का स्थानीय लोगों ने किया विरोध
CJP ने 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क से ‘जेल भरो आंदोलन’ शुरू करने का ऐलान किया था। संगठन के मुताबिक, प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवाल हैं। CJP ने SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
प्रस्तावित CJP प्रदर्शन को लेकर शिवाजी पार्क के आसपास रहने वाले लोगों ने आपत्ति जताई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बड़े जमावड़े से इलाके की शांति, ट्रैफिक और रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। स्थानीय लोगों ने अधिकारियों को ज्ञापन देकर प्रदर्शन को रोकने के लिए कार्रवाई की मांग भी की है।
जावेद अख्तर ने पूछा- क्या राजनीतिक पार्टियों के जलसों पर भी होगी ऐसी आपत्ति?
इसी विवाद के बीच जावेद अख्तर ने X पर स्थानीय लोगों की आपत्ति को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि शिवाजी पार्क के कुछ निवासी शोर-शराबे को लेकर संवेदनशील हो रहे हैं और अधिकारियों से CJP का प्रदर्शन रद्द करने की मांग कर रहे हैं।

इसके साथ ही जावेद अख्तर ने उम्मीद जताई कि यही लोग महाराष्ट्र की किसी भी राजनीतिक पार्टी के शिवाजी पार्क में होने वाले जलसे के दौरान भी इसी तरह और उतनी ही मजबूती से आपत्ति दर्ज कराएंगे।
यूजर ने जावेद अख्तर की पोस्ट पर कसा तंज
जावेद अख्तर की पोस्ट पर एक यूजर ने उनके पुराने पोस्ट का हवाला देते हुए तंज कसा। यूजर ने कहा कि अगर जावेद ने बहादुर पायलट के लिए महावीर चक्र की मांग वाला पोस्ट पहले नहीं किया होता, तो उन्हें इस पोस्ट के बाद मिलने वाली आलोचना को लेकर डर लगता।
यूजर ने यह भी कहा कि जावेद अख्तर ‘बैलेंसिंग गेम’ खेलना जानते हैं और उनसे बहुत कुछ सीखने की जरूरत है।
इस पर जावेद अख्तर ने जवाब दिया, “डियर शाहिद खालिद, आपको निश्चित रूप से बहुत कुछ सीखने की जरूरत है। मेरी शुभकामनाएं।”
इसके बाद एक अन्य यूजर ने जावेद अख्तर की पोस्ट पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए उन्हें ‘इडियट’ कहा। जावेद अख्तर ने पलटकर जवाब दिया कि उस यूजर का संदेश बताता है कि बचपन में उसे कौन से संस्कार दिए गए हैं।
‘आपको पता भी है प्रदर्शन किसके खिलाफ है?’
एक अन्य यूजर कृपाल मकवाना ने दावा किया कि जावेद अख्तर को शायद पता ही नहीं है कि प्रदर्शन किस मुद्दे को लेकर हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके लिए सरकार के खिलाफ होने वाला कोई भी प्रदर्शन ही उसे रद्द कराने की वजह है।
इस पर जावेद अख्तर ने सवाल किया कि उन्हें लगा था कि यह प्रदर्शन चुनाव आयोग के खिलाफ है, जो पूरी तरह एक स्वतंत्र संस्था होनी चाहिए और सरकार का हिस्सा नहीं है। उन्होंने पूछा कि चुनाव आयोग का विरोध करना सरकार का विरोध क्यों माना जा रहा है।
इस बातचीत के बाद CJP प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर बहस सिर्फ शिवाजी पार्क में शोर और स्थानीय विरोध तक सीमित नहीं रही, बल्कि प्रदर्शन के मुद्दे और चुनाव आयोग को लेकर भी सवाल-जवाब होने लगे।
CJP ने शाम 4 बजे प्रदर्शन का किया था ऐलान
CJP ने शिवाजी पार्क के गेट नंबर 6 पर शाम 4 बजे प्रदर्शन की बात कही थी। हालांकि, मुंबई पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी और आयोजकों को दूसरे स्थान पर प्रदर्शन के लिए आवेदन करने की सलाह दी थी। पुलिस की ओर से शिवाजी पार्क के आसपास आवासीय इलाका होने, शोर, ट्रैफिक और आपातकालीन वाहनों की आवाजाही जैसे मुद्दों का भी हवाला दिया गया था।
CJP के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर स्थानीय लोगों की आपत्ति भी इन्हीं मुद्दों के आसपास रही। निवासियों ने कहा कि बड़े प्रदर्शन से इलाके की सामान्य गतिविधियों पर असर पड़ सकता है और ट्रैफिक तथा आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
शिवाजी पार्क के इस्तेमाल को लेकर भी उठे सवाल
स्थानीय निवासियों ने शिवाजी पार्क में गैर-खेल गतिविधियों के इस्तेमाल को लेकर तय नियमों का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि साल में सीमित दिनों तक ही ऐसी गतिविधियों की अनुमति दी जाती है।
निवासियों ने इस संबंध में 2013 के बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश और 2016 के महाराष्ट्र सरकार के फैसले का भी उल्लेख किया है। प्रदर्शन को लेकर बने तनाव के बीच शिवाजी पार्क और दादर इलाके में सुरक्षा बढ़ाए जाने की बात भी सामने आई है।

CJP प्रदर्शन पर विवाद के बीच सोशल मीडिया बहस तेज
शिवाजी पार्क में प्रस्तावित CJP प्रदर्शन को लेकर एक तरफ स्थानीय लोगों की आपत्तियां सामने आईं, तो दूसरी तरफ जावेद अख्तर की टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर अलग बहस शुरू हो गई। इसमें प्रदर्शन के उद्देश्य, चुनाव आयोग और राजनीतिक दलों के आयोजनों को लेकर सवाल उठाए गए।
फिलहाल इस पूरे मामले में CJP प्रदर्शन, स्थानीय निवासियों की आपत्ति और जावेद अख्तर की सोशल मीडिया टिप्पणियां चर्चा के केंद्र में हैं।
शिवाजी पार्क विवाद में कई मुद्दे एक साथ सामने आए
शिवाजी पार्क में CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर स्थानीय लोगों ने शोर, ट्रैफिक और इलाके की शांति से जुड़े मुद्दे उठाए हैं। वहीं जावेद अख्तर ने राजनीतिक दलों के जलसों को लेकर भी सवाल किया है। दूसरी ओर, CJP अपने प्रदर्शन के जरिए चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को उठाने की बात कह रहा है। (Expose India)
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