बलरामपुर गार्डन में 23वां राष्ट्रीय पुस्तक मेला: छठे दिन धार्मिक-आध्यात्मिक साहित्य ने खींचा ध्यान, ‘कर्मयोगी’ का विमोचन

लखनऊ। बलरामपुर गार्डन, अशोक मार्ग में चल रहे 23वें राष्ट्रीय पुस्तक मेले के छठे दिन धार्मिक और आध्यात्मिक साहित्य ने पुस्तक प्रेमियों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। रामकृष्ण मठ, गायत्री ज्ञान मंदिर, आर्य प्रतिनिधि सभा, गीता प्रेस समेत विभिन्न प्रकाशकों के स्टॉल पर धर्म, दर्शन, योग, अध्यात्म और भारतीय संस्कृति से जुड़ी पुस्तकों की खूब मांग रही। पुस्तक मेला 11 अक्टूबर तक जारी रहेगा।

मेला परिसर में आध्यात्मिक साहित्य के साथ हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू की पुस्तकों की भी बड़ी श्रृंखला उपलब्ध है। रामकृष्ण मठ के स्टॉल पर रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद के साहित्य के साथ स्वामी अपूर्वानंद की गीता व्याख्या, ‘क्रोध पर विजय’, स्वामी अभेदानंद की ‘योगदर्शन एवं योग-साधना’ तथा निखिलेश्वरानंद की ‘एकाग्रता और ध्यान’ जैसी पुस्तकें मौजूद हैं।

गायत्री ज्ञान मंदिर के स्टॉल पर आचार्य श्रीराम शर्मा की वेद, उपनिषद और भारतीय संस्कृति से संबंधित पुस्तकें उपलब्ध हैं। यहां ‘ऋग्वेद संहिता’, ‘सामवेद संहिता’, ‘108 उपनिषद’, ‘गायत्री महाविज्ञान’, ‘हमारी संस्कृति इतिहास के कीर्ति स्तंभ’, ‘सूक्ष्मीकरण’ और ‘उज्ज्वल भविष्य का अवतरण’ जैसी किताबें हैं। यहां पुस्तकों की कीमत आठ रुपये से शुरू होती है।

आर्य प्रतिनिधि सभा के स्टॉल पर महर्षि दयानंद सरस्वती की ‘सत्यार्थ प्रकाश’ महज 30 रुपये में उपलब्ध है। इसके अलावा वेद पुस्तक माला, उदयवीर शास्त्री की ‘न्यायदर्शनम्’, ‘वैशेषिक दर्शनम्’, ‘ब्रह्मसूत्र’, ‘योगदर्शनम्’, चरक संहिता, वाल्मीकि रामायण और विशुद्ध मनुस्मृति जैसी पुस्तकें भी पाठकों को आकर्षित कर रही हैं।

ईएचएफ लर्निंग के स्टॉल पर गीता के विभिन्न अध्यायों पर आधारित ‘गीता मंथन’ श्रृंखला की पुस्तकें उपलब्ध हैं। इसमें सांख्य योग, अर्जुन विषाद योग और पुरुषोत्तम योग सहित विभिन्न विषयों की पुस्तकें शामिल हैं। उपनिषदों के भाष्य भी यहां उपलब्ध हैं।

पैराडाइज बुक के स्टॉल पर हिंदी और अंग्रेजी में ओशो साहित्य की बड़ी श्रृंखला है। वहीं गीता प्रेस के स्टॉल पर ‘कल्याण’ पत्रिका के श्री गणेश अंक और रामांक सहित मानस, सुंदरकांड, गीता, शिव पुराण और श्रीमद्भागवत जैसे धार्मिक ग्रंथ विभिन्न आकारों में उपलब्ध हैं।

रीतेश बुक के स्टॉल पर सद्गुरु की ‘कर्मा’ के साथ दलाईलामा, परमहंस योगानंद और महर्षि अरविंद का साहित्य मौजूद है। सत्य मार्ग के स्टॉल पर हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू में ‘आओ नमाज सीखें’, ‘इस्लाम आतंक या आदर्श?’, ‘तालीमुल कुरआन’ और ‘आप से कैसे करें’ जैसी पुस्तकें उपलब्ध हैं। सैयद अबुल हसन अली नदवी की ‘हिन्दुस्तानी मुसलमानों से साफ-साफ बातें’ और ‘मानवता का स्तर’ जैसी किताबें भी यहां हैं। गिडियंस के स्टॉल पर बाइबिल नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने किया ‘कर्मयोगी’ का विमोचन

मेले के मंच पर शाम को लेखक विवेक शुक्ल की अपने पिता न्यायाधीश उमेश दत्त शुक्ल के जीवन और व्यक्तित्व पर आधारित पुस्तक ‘कर्मयोगी’ का विमोचन उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने किया।

इस अवसर पर ब्रजेश पाठक ने कहा कि अध्ययन के दौरान उन्होंने न्यायाधीश उमेश दत्त शुक्ल को विभिन्न पदों पर कार्य करते हुए उनकी कर्मठता को देखा है। उन्होंने पुस्तक को उनके जीवन और कार्यों को समझने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताया।

लेखक विवेक शुक्ल ने कहा कि पुस्तक के लेखन में उनकी मां वीना शुक्ला और पत्नी नीना शुक्ला का महत्वपूर्ण सहयोग मिला। कार्यक्रम में डीएस शुक्ल, डॉ. अमिता दुबे, अलका प्रमोद, हरिमोहन बाजपेयी माधव, अजय कुमार मिश्र और मेला संयोजक मनोज सिंह चंदेल ने भी विचार व्यक्त किए।

दास्तानगोई में गूंजा इस्मत चुगताई का साहित्य

मेले के मंच पर अरशाना अज्मत की दास्तानगोई ने भी दर्शकों का ध्यान खींचा। उन्होंने उर्दू साहित्यकार इस्मत चुगताई के व्यक्तित्व, जीवन, साहित्य और कृतित्व को दास्तानगोई के अंदाज में प्रस्तुत किया। प्रस्तुति में इस्मत चुगताई के साथ मंटो जैसे साहित्यकारों से जुड़ी कुछ प्रसंगों को भी शामिल किया गया।

लखनऊ के जलस्रोतों की कहानी रेडियो शैली में

जल संरक्षण पर मीनू खरे के संयोजन में ब्लू ड्राप का कार्यक्रम हुआ। मेले की थीम के अनुरूप डॉ. जया तिवारी के ‘महिलाओं के मेरी जिंदगी बैंड’ ने वंदे मातरम् की प्रस्तुति दी।

कार्यक्रम में आरजे देवेंद्र सिंह, डॉ. कुमुद, शोभित गुप्ता, स्वाति मालवीय और अमित कुमार को पूर्व प्रसार भारती अधिकारी डॉ. सतीश ग्रोवर, डॉ. मिथिलेश और सुशील सीतापुरी ने सम्मानित किया।

मीनू खरे और देवेंद्र सिंह ने लखनऊ की जल संस्कृति और जलस्रोतों पर जानकारी दी। उन्होंने गोमती और उसकी सहायक नदियों कुकरैल, सई आदि के साथ मोतीझील, जमुना झील, टिकैत राय तालाब, छाछी कुआं, बड़े इमामबाड़े की शाही बावली, छतर मंजिल की जल व्यवस्था और बख्शी का तालाब जैसे जलस्रोतों का उल्लेख किया।

काव्य समारोह और पुस्तकों का विमोचन

इससे पहले सुबह सुंदरम साहित्य संस्थान और नवोदय साहित्यिक संस्थान के काव्य समारोह हुए। वरिष्ठ कविजन समिति का सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया। शाम को कामिनी श्रीवास्तव के ‘जैसा’ और कुंडलियों के संग्रह ‘दिव्य सरोवर’ का विमोचन नरेंद्र भूषण और महेंद्र भीष्म ने किया।

नि:शुल्क प्रवेश वाला पुस्तक मेला प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक चल रहा है। मेले में खरीदी गई प्रत्येक पुस्तक पर कम से कम 10 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।

फोर्स वन द्वारा आयोजित पुस्तक मेले के सहयोगी संस्थानों में यूपी मेट्रो, रेडियोसिटी, ओरिजिंस, किरण फाउंडेशन, ज्वाइन हैंड्स फाउंडेशन, लोकआंगन, विश्वम् फाउंडेशन, विजय स्टूडियो, गोल्डेन ग्रास और कविता किस्से कहानियां शामिल हैं।

7 अक्टूबर को मेले में होंगे ये कार्यक्रम

पुस्तक मेले में 7 अक्टूबर को सुबह 11 बजे अखिल भारतीय साहित्य परिषद की गोष्ठी होगी। दोपहर 12:30 बजे वसुंधरा की विचारगोष्ठी एवं सम्मान समारोह आयोजित होगा। दोपहर 3 बजे कार्त्तिकेय प्रकाशन की ओर से पुस्तक विमोचन और शाम 4 बजे मनीष शुक्ला की पुस्तक का विमोचन होगा।

शाम 6 बजे वैदेही वेल्फेयर की काव्य गोष्ठी और शाम 7:30 बजे सूर्य नारायण फाउंडेशन का कवि सम्मेलन होगा।

द्वितीय मंच क्रिकेटर लाउंज में शाम 5:30 बजे उदय प्रताप सिंह की बैठकी और शाम 6 बजे गद्य व्यंग्य कार्यक्रम ‘छींटाकशी-2026’ आयोजित किया जाएगा।