
बलरामपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार को पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। सपाइयों ने जिला प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल, उत्तर प्रदेश को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए अखिलेश यादव की तत्काल एवं बिना शर्त रिहाई की मांग की।
ज्ञापन में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकारों की रक्षा किया जाना आवश्यक है। पार्टी लोकतंत्र, संविधान, सामाजिक न्याय और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रही है।
कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को गिरफ्तार किया जाना लोकतांत्रिक अधिकारों पर गंभीर प्रहार है। उन्होंने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए उनकी तत्काल एवं बिना शर्त रिहाई की मांग की।
लोकतांत्रिक अधिकारों के सम्मान की मांग
सौंपे गए ज्ञापन में प्रमुख रूप से अखिलेश यादव को तत्काल एवं बिना शर्त रिहा करने, शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान करने तथा विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन को तत्काल रोकने की मांग की गई।
इसके साथ ही समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक संस्थाओं और संविधान की मर्यादा सुनिश्चित किए जाने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान सपाइयों ने “तानाशाही नहीं चलेगी, लोकतंत्र की हत्या नहीं चलेगी”, “अखिलेश यादव को रिहा करो” और “लोकतंत्र बचाओ, अखिलेश यादव को रिहा कराओ” जैसे नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध जनता और विपक्ष का संवैधानिक अधिकार है। सरकार को लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की मर्यादा का सम्मान करना चाहिए।
ये पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद
प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला महासचिव नर्सिंगपाल यादव, बाबा साहब अंबेडकर वाहिनी के जिला अध्यक्ष मनीष चंद सोनकर, पूर्व विधायक राम सागर अकेला, विशाल श्रीवास्तव, जिला मीडिया प्रभारी गणेश प्रसाद यादव, नगर अध्यक्ष वसीम खान, विधानसभा अध्यक्ष अरविंद यादव, आकाश सिंह यादव, विनोद यादव, राहुल यादव, महेंद्र यादव, सतीश यादव, शिवम सोनकर सहित बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।