MSME के लिए ₹10,000 करोड़ का SME Growth Fund, PM मोदी के 25 साल के नेतृत्व पर कैबिनेट का प्रस्ताव

केंद्र सरकार ने SME Growth Fund के लिए ₹10,000 करोड़ मंजूर किए हैं। कैबिनेट ने PM मोदी के सरकार प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे होने पर भी प्रस्ताव पारित किया।

MSME सेक्टर के लिए ₹10,000 करोड़ का SME Growth Fund और PM मोदी के 25 साल
MSME सेक्टर के लिए ₹10,000 करोड़ का SME Growth Fund और PM मोदी के 25 साल

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME) यानी SME सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹10,000 करोड़ के SME Growth Fund की स्थापना के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को मंजूरी दी है। इस फंड का उद्देश्य विकास की क्षमता रखने वाले छोटे और मध्यम उद्यमों को इक्विटी के जरिए पूंजी उपलब्ध कराना है, ताकि वे कारोबार का विस्तार कर सकें, नई तकनीक अपना सकें और बड़े स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।

इसी कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार प्रमुख के तौर पर 25 वर्ष पूरे होने पर एक प्रस्ताव भी पारित किया गया। इस तरह एक ही बैठक में अर्थव्यवस्था और प्रधानमंत्री के लंबे राजनीतिक-प्रशासनिक सफर से जुड़े दो महत्वपूर्ण फैसले सामने आए।

छोटे और मध्यम उद्योगों को मिलेगा ग्रोथ कैपिटल

SME Growth Fund को खास तौर पर ऐसे उद्यमों के लिए तैयार किया गया है जिनमें आगे तेजी से बढ़ने की क्षमता है। सरकार का कहना (MSME) है कि मौजूदा इक्विटी सपोर्ट योजनाओं में बड़ी संख्या शुरुआती चरण के उद्यमों और माइक्रो एंटरप्राइजेज पर केंद्रित रही है। ऐसे में विकास के अगले चरण में पहुंच चुके छोटे और मध्यम कारोबारों के लिए लंबे समय की इक्विटी पूंजी की जरूरत बनी हुई थी।

नए फंड के जरिए इसी अंतर को कम करने की कोशिश की जाएगी। सरकार के मुताबिक यह पूंजी मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन आधारित कारोबार और रणनीतिक वैल्यू चेन से जुड़े उद्यमों को आगे बढ़ाने में मदद कर सकती है।

रोजगार और उत्पादन बढ़ाने पर जोर

MSME सेक्टर भारतीय अर्थव्यवस्था में रोजगार, उत्पादन, निर्यात और नवाचार के लिहाज से महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में सरकार की कोशिश केवल छोटे कारोबारों को वित्तीय मदद देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें ऐसे उद्यमों में बदलने की है जो बड़े पैमाने पर उत्पादन और प्रतिस्पर्धा कर सकें।

सरकार के अनुसार SME Growth Fund से कंपनियों को अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने, आधुनिक तकनीक अपनाने और कारोबार को नए बाजारों तक ले जाने में मदद मिल सकती है। खास तौर पर मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी सेक्टर में काम कर रहे उद्यमों के लिए इक्विटी पूंजी विस्तार की योजनाओं को गति दे सकती है।

सरकार ने इसे 2026-27 के केंद्रीय बजट में MSME इकोसिस्टम के लिए घोषित व्यापक उपायों की अगली कड़ी के तौर पर रखा है। इसमें इक्विटी, लिक्विडिटी और पेशेवर सहयोग के जरिए MSME सेक्टर को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

प्रधानमंत्री मोदी के 25 साल के नेतृत्व का उल्लेख

इसी बैठक (MSME) में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार प्रमुख के तौर पर 25 वर्ष पूरे होने पर प्रस्ताव पारित किया। नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में सरकार का नेतृत्व संभाला था। इसके बाद 2014 में उन्होंने देश के प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभाला और तब से केंद्र की राजनीति के प्रमुख चेहरे बने हुए हैं।

कैबिनेट प्रस्ताव में उनके 25 वर्षों के सार्वजनिक प्रशासन और सरकार के स्तर पर किए गए कार्यों का उल्लेख किया गया। प्रस्ताव में उनके नेतृत्व को राष्ट्र प्रथम और नागरिक प्रथम की भावना से जोड़कर देखा गया।

एक फैसले में अर्थव्यवस्था और नेतृत्व की तस्वीर

6 अक्टूबर की कैबिनेट बैठक (MSME) के फैसले इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि एक तरफ सरकार ने छोटे और मध्यम कारोबारों के लिए बड़ा पूंजीगत समर्थन देने की दिशा में कदम उठाया, वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री के 25 वर्ष के प्रशासनिक सफर को औपचारिक रूप से रेखांकित किया।

अब SME Growth Fund की वास्तविक उपयोगिता इस बात से तय होगी कि इसके जरिए कितने उद्यमों को विकास पूंजी मिलती है और वे उत्पादन, रोजगार, तकनीक तथा निर्यात के क्षेत्र में कितना विस्तार कर पाते हैं। वहीं प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्ष पूरे होने का उल्लेख केंद्र सरकार की ओर से उनके लंबे प्रशासनिक और राजनीतिक सफर की औपचारिक मान्यता के रूप में सामने आया है।

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