रामनगर में अमरेश शुक्ला की होल्डिंग से सियासी चर्चाएं तेज, 2027 में भाजपा टिकट के कयास

रिपोर्ट -पंकज चतुर्वेदी

बाराबंकी। रामनगर विधानसभा क्षेत्र में पूर्व विधायक अमरेश शुक्ला के बैनर और होल्डिंग बड़ी संख्या में लगाए जाने के बाद स्थानीय राजनीति में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर लोग कयास लगा रहे हैं कि भाजपा उन्हें अपना प्रत्याशी बना सकती है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी उनकी उम्मीदवारी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

अमरेश शुक्ला वर्ष 2007 में बसपा के टिकट पर रामनगर विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे। उस चुनाव में उन्होंने सपा के प्रत्याशी कुंवर रामवीर सिंह को कड़े मुकाबले में हराया था। वर्ष 2007 से 2012 तक विधायक रहते हुए उन्होंने क्षेत्र में विकास कार्यों और जनता के बीच सक्रियता के जरिए अपनी पहचान बनाई।

उनके समर्थकों के मुताबिक, सरयू नदी की बाढ़ के दौरान तराई क्षेत्र में जब जनजीवन प्रभावित हुआ था, तब उन्होंने पीड़ित परिवारों तक सरकारी सहायता पहुंचाने के साथ अपने स्तर से भी राहत सामग्री उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निभाई थी। उनके कार्यकाल में लोगों के सुख-दुख में शामिल होने और मिलनसार व्यवहार को भी उनकी लोकप्रियता की वजह बताया जाता है।

वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन समर्थकों का दावा है कि क्षेत्र में उनकी राजनीतिक पकड़ और व्यक्तिगत संपर्क आज भी कायम हैं। अब विधानसभा क्षेत्र में जगह-जगह होर्डिंग लगने के बाद उनके समर्थकों में उत्साह दिखाई दे रहा है। समर्थकों का कहना है कि यदि भाजपा नेतृत्व उन्हें चुनाव मैदान में उतारता है तो वे मजबूती से मुकाबला कर सकते हैं।

पूर्व विधायक अमरेश शुक्ला ने कहा कि वह भाजपा में आने के बाद से कई वर्षों से पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ पार्टी की बेहतरी के लिए काम कर रहे हैं। यदि पार्टी नेतृत्व उन्हें मौका देता है तो वह नेतृत्व के भरोसे और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे।

फिलहाल, रामनगर में अमरेश शुक्ला की होल्डिंग ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक अटकलों को हवा दे दी है। अब सबकी निगाहें भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के फैसले पर टिकी हैं।