
बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक हादसे में चलती कार के अंदर जलकर चालक की मौत हो गई। सफदरगंज थाना क्षेत्र में लखनऊ से लौट रही टाटा टियागो कार अचानक आग की चपेट में आ गई। आग इतनी भीषण थी कि देखते ही देखते पूरी कार जलकर राख हो गई। शनिवार सुबह घटनास्थल पर पहुंचे लोगों ने कार के अंदर चालक के जले हुए अवशेष देखे तो इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने कार के नंबर के आधार पर मृतक की पहचान कर ली है।
रात डेढ़ बजे हुआ हादसा, सुबह छह बजे चला पता
जानकारी के मुताबिक, हादसा शुक्रवार रात करीब 1:30 बजे हुआ। कार चालक प्रदीप कुमार लखनऊ एयरपोर्ट से सवारियों को बाराबंकी छोड़कर वापस लौट रहा था। इसी दौरान जिला मुख्यालय से करीब 33 किलोमीटर दूर सफदरगंज थाना क्षेत्र में उसकी टाटा टियागो कार में भीषण आग लग गई।
रात का समय होने के कारण तत्काल किसी को हादसे की जानकारी नहीं हो सकी। शनिवार सुबह करीब छह बजे जब राहगीर और स्थानीय लोग वहां पहुंचे तो कार पूरी तरह जल चुकी थी। कार के अंदर चालक के जले हुए अवशेष देखकर लोगों ने पुलिस को सूचना दी। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आग बुझने के बाद कार में केवल जला हुआ ढांचा और राख बची थी।
कार नंबर से हुई चालक की पहचान
पुलिस ने वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर मृतक की पहचान प्रदीप कुमार के रूप में की। वह बाराबंकी के प्यारेपुर का रहने वाला था। बताया जा रहा है कि प्रदीप ने करीब चार महीने पहले ही सीएनजी कार खरीदी थी। वह लखनऊ एयरपोर्ट से सवारियां छोड़ने के बाद वापस लौट रहा था, तभी यह हादसा हो गया।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी और चालक की जान जा चुकी थी।
फॉरेंसिक टीम ने सुरक्षित किए अवशेष
हादसे की सूचना पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। कार के अंदर बचे जले हुए अवशेषों और राख को जांच के लिए एकत्र कर सुरक्षित किया गया। टीम इन साक्ष्यों के आधार पर हादसे से जुड़े तथ्यों की पड़ताल करेगी।
फिलहाल कार में आग लगने की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हुई है। कार में तकनीकी खराबी, सीएनजी सिस्टम में गड़बड़ी या किसी अन्य कारण से आग लगी, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। यह भी जांच का विषय है कि आग लगने के बाद चालक कार से बाहर क्यों नहीं निकल सका।
जांच के बाद सामने आएगी आग लगने की वजह
इस हादसे ने सड़क सुरक्षा और वाहनों में आग लगने की घटनाओं को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, केवल कार में सीएनजी होने के आधार पर आग लगने का कारण तय नहीं किया जा सकता। इसके लिए वाहन की तकनीकी स्थिति, सीएनजी सिस्टम और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों की जांच जरूरी है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि कार में आग किन परिस्थितियों में लगी और चालक की मौत के पीछे क्या वजह रही। प्रदीप कुमार की दर्दनाक मौत से उनके परिवार में शोक का माहौल है।