जब भाइयों के मिलन के लिए श्रद्धालुओं के कंधे बने रास्ता, अश्रुओं से भीग उठीं आंखें

कोसीकलां में श्रीराम-भरतमिलाप का अद्भुत दृश्य

, लाखों की भीड़ के बीच साकार हुई रामायण की कथा

कोसीकलां। कहीं आंखों में आंसू, कहीं हाथों में फूल और कहीं आसमान को रोशन करती रंग-बिरंगी आतिशबाजी। लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में जब भगवान श्रीराम और भरत का मिलन हुआ, तो कोसीकलां की धरती भक्ति और भावनाओं से सराबोर हो उठी। ऐतिहासिक श्रीराम-भरतमिलाप मेले में वह दृश्य फिर जीवंत हो गया, जिसका इंतजार नगरवासी पूरे साल करते हैं। प्रभु श्रीराम के स्वागत के लिए जब भरत और शत्रुघ्न आगे बढ़े, तो श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच उनके लिए रास्ता नहीं मिला। ऐसे में भक्तों के कंधे ही उनके आगे बढ़ने का सहारा बने। चारों भाइयों का मिलन होते ही पूरा नगर जय श्रीराम के उद्घोष और आतिशबाजी से गूंज उठा।

आतिशबाजी और जयकारों से गूंजा नगर

मथुरा जनपद के कोसीकलां में गुरुवार को आयोजित इस ऐतिहासिक मेले में हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश और दिल्ली सहित दूरदराज के क्षेत्रों से श्रद्धालु पहुंचे। नगर को दुल्हन की तरह सजाया गया था। शोभायात्रा मार्ग के दोनों किनारों और मकानों की छतों पर लोगों की भीड़ जुटी रही। हर कोई भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, माता सीता और हनुमानजी के दर्शन करने के लिए उत्सुक दिखाई दिया। पुष्पवर्षा, रोशनी और भक्तिमय जयकारों ने पूरे वातावरण को राममय बना दिया।

पुष्पक विमान से शुरू हुई प्रभु के आगमन की लीला

गुरुवार देर रात मेला आचार्य पंडित मोरमुकुट शास्त्री के निर्देशन में थाना रोड स्थित गयालाल स्मृति भवन से पुष्पक विमान की शोभायात्रा शुरू हुई। विमान में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, माता सीता और हनुमानजी विराजमान थे। रसोई सेवा एवं राजतिलक अधिकारी देशबंधु अग्रवाल और संजीव जाबिया ने भगवान की आरती उतारकर पुष्पक विमान को रवाना किया। कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण और उनके प्रतिनिधि नरदेव चौधरी ने भी भगवान की आरती की और क्षेत्र तथा देश की खुशहाली की कामना की।

गयालाल स्मृति भवन से शुरू हुई शोभायात्रा रेलवे स्टेशन, पुराना जीटी रोड और मुख्य बाजार से होती हुई भरतमिलाप चौक की ओर बढ़ी। जैसे-जैसे पुष्पक विमान आगे बढ़ा, श्रद्धालुओं की भीड़ भी बढ़ती गई। सड़कों के दोनों ओर खड़े लोगों ने पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया। आतिशबाजी की गड़गड़ाहट और जय श्रीराम के नारों से पूरा नगर गूंजता रहा।

नंदीग्राम में बैठे भरत की प्रतीक्षा ने सबको किया भावुक

भरतमिलाप चौक को अयोध्या और नंदीग्राम के रूप में सजाया गया था। रामायण के प्रसंग के अनुसार, भगवान श्रीराम के वनवास से लौटने की प्रतीक्षा कर रहे भरत ने संकल्प लिया था कि यदि सूर्यास्त से पहले प्रभु अयोध्या नहीं पहुंचे, तो वह अपने प्राण त्याग देंगे। इसी प्रसंग को मेले में जीवंत किया गया। भरत और शत्रुघ्न प्रभु श्रीराम की प्रतीक्षा में व्याकुल बैठे थे।

भगवान श्रीराम के आदेश पर हनुमानजी ने ब्राह्मण का रूप धारण किया और भरत को प्रभु के आगमन का संदेश देने पहुंचे। संदेश मिलते ही भरत और शत्रुघ्न श्रीराम के स्वागत के लिए चल पड़े। लेकिन चौक पर श्रद्धालुओं की अपार भीड़ के कारण उनके लिए आगे बढ़ना मुश्किल हो गया। इसके बाद दोनों भाइयों का श्रद्धालुओं के कंधों पर होकर प्रभु की ओर बढ़ना मेले का सबसे आकर्षक दृश्य बन गया।

चारों भाइयों का मिलन और छलक पड़े श्रद्धालुओं के आंसू

जैसे ही भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का मिलन हुआ, श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। चारों भाइयों का एक-दूसरे से मिलना केवल धार्मिक लीला नहीं, बल्कि त्याग, प्रेम, समर्पण और पारिवारिक एकता का संदेश बन गया। अश्रुपूरित नेत्रों से हुए इस मिलन के दौरान पूरा चौक जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा।

मिलन के साथ ही आसमान रंग-बिरंगी आतिशबाजी से जगमगा उठा। लाल, नीली, हरी और पीली रोशनी ने रात को रोशन कर दिया। सड़कों पर गुलाब की पंखुड़ियां बिखर गईं और श्रद्धालु पुष्पवर्षा कर इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने। देर रात चौबीस अवतार की लीला के बाद परंपरागत राजतिलक कार्यक्रम संपन्न हुआ।

लाखों की भीड़ के बीच सुरक्षा का कड़ा पहरा

अतिसंवेदनशील माने जाने वाले कोसीकलां नगर में मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस-प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए। प्रभारी निरीक्षक कमलेश सिंह के अनुसार, नगर के प्रमुख चौराहों, बाजारों और शोभायात्रा मार्ग पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।

सुरक्षा व्यवस्था में करीब 250 पुलिसकर्मी, 80 रिक्रूट कांस्टेबल, 30 महिला पुलिसकर्मी, सादे कपड़ों में 40 पुलिसकर्मी, 60 उपनिरीक्षक, 10 वरिष्ठ उपनिरीक्षक और 60 होमगार्ड लगाए गए थे। इसके अलावा पीएसी की एक कंपनी, खुफिया विभाग और घुड़सवार पुलिस को भी तैनात किया गया। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए आंसू गैस, अग्निशमन वाहन, एंबुलेंस और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की गई थी। पीएसी की दो कंपनियों को रिजर्व में रखा गया। आधा दर्जन ड्रोन कैमरों के माध्यम से भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी गई।

ये रहे मौजूद

मेले में संस्थान के संयोजक खगेन्द्र सिंह उर्फ बॉबी ठाकुर, अध्यक्ष गिर्राज चौधरी, मंत्री हैप्पी गर्ग, अनुराग तायल, वेदप्रकाश गोयल, डॉ. अमर सिंह पौनिया, देशबंधु अग्रवाल, कैलाश चंदोरिया, तरुण सेठ, कन्हैयालाल गोयल, पालिकाध्यक्ष धर्मवीर अग्रवाल, जगपाल चौधरी, दयाशंकर अग्रवाल, अमित सिरोलिया, कालू सिरोलिया, निर्भय पांडेय और डॉ. सुरेश आर्य सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

कोसीकलां का श्रीराम-भरतमिलाप मेला एक बार फिर इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि रिश्तों की ताकत, त्याग और प्रेम हर दूरी को मिटा सकते हैं। श्रद्धालुओं के कंधों पर आगे बढ़ते भरत-शत्रुघ्न और अश्रुपूरित नेत्रों से चारों भाइयों का मिलन इस ऐतिहासिक आयोजन की ऐसी तस्वीर बन गया, जिसे श्रद्धालु लंबे समय तक याद रखेंगे।