एशियन मास्टर्स स्विमिंग चैंपियनशिप में नरेश सचदेवा ने जीते 4 गोल्ड सहित 6 पदक

7 एशियाई देशों के तैराकों ने लिया हिस्सा, नरेश सचदेवा ने पत्नी गीता और परिवार के सहयोग को सराहा

नरेश सचदेवा एशियन मास्टर्स स्विमिंग चैंपियनशिप में छह पदक जीतने वाले तैराक
नरेश सचदेवा ने छह और बेटे भरत ने पांच पदक हासिल किए।

डिजिटल डेस्क, अमर भारती। दूसरी एशियन मास्टर्स स्विमिंग चैंपियनशिप 2026 में नरेश कुमार सचदेवा और उनके बेटे भरत सचदेवा ने तैराकी स्पर्धाओं में पदक हासिल किए। 70 से 74 वर्ष आयु वर्ग में नरेश ने चार स्वर्ण सहित छह पदक जीते, जबकि 40 से 44 वर्ष आयु वर्ग में भरत ने पांच कांस्य पदक अपने नाम किए। यह प्रतियोगिता 4 से 10 अक्टूबर 2026 तक बेंगलुरु में आयोजित हुई, जिसमें आयोजक के अनुसार भारत सहित सात एशियाई देशों के 1,200 से अधिक महिला और पुरुष तैराकों ने भाग लिया।

नरेश सचदेवा एशियन मास्टर्स स्विमिंग चैंपियनशिप में छह पदकों के साथ रहे सफल

नरेश कुमार सचदेवा ने अपनी आयु श्रेणी में अलग-अलग तैराकी स्पर्धाओं में हिस्सा लिया। उनके प्रदर्शन में चार गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे। उनके अनुसार, प्रतियोगिता में उन्होंने व्यक्तिगत और रिले स्पर्धाओं में पदक हासिल किए।

उनकी पदक सूची में 200 मीटर बटरफ्लाई, 4000 मीटर इंडिविजुअल मेडले, 200 मीटर फ्री रिले और 200 मीटर मेडले रिले में स्वर्ण पदक शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 1000 मीटर बटरफ्लाई में रजत और 2000 मीटर इंडिविजुअल मेडले में कांस्य पदक मिला।

इस तरह 70 से 74 वर्ष के आयु वर्ग में उन्होंने कुल छह पदकों के साथ प्रतियोगिता में अपना प्रदर्शन दर्ज कराया।

भरत सचदेवा ने पांच स्पर्धाओं में जीते कांस्य पदक

नरेश के बेटे भरत सचदेवा ने भी इसी चैंपियनशिप में हिस्सा लिया। 40 से 44 वर्ष आयु वर्ग में उन्होंने पांच स्पर्धाओं में कांस्य पदक हासिल किए।

भरत की पदक सूची में 50 मीटर फ्रीस्टाइल, 1000 मीटर फ्रीस्टाइल, 200 मीटर फ्रीस्टाइल, 50 मीटर बटरफ्लाई और 100 मीटर बटरफ्लाई शामिल हैं। इन सभी स्पर्धाओं में उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीते।

पिता और बेटे ने अलग-अलग आयु श्रेणियों में प्रतिस्पर्धा करते हुए कुल 11 पदक हासिल किए। नरेश सचदेवा ने इसे अपने परिवार के लिए विशेष उपलब्धि बताया। दोनों की भागीदारी ने एक ही प्रतियोगिता में दो पीढ़ियों के तैराकों के प्रदर्शन को सामने रखा।

बेंगलुरु में सात एशियाई देशों के तैराकों ने लिया हिस्सा

दूसरी एशियन मास्टर्स स्विमिंग चैंपियनशिप का आयोजन 4 से 10 अक्टूबर 2026 के बीच हुआ। नरेश सचदेवा की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, प्रतियोगिता में भारत और सात एशियाई देशों के 1,200 से अधिक महिला एवं पुरुष तैराक शामिल हुए।

प्रतिभागियों की आयु 26 वर्ष से 86 वर्ष तक बताई गई। अलग-अलग आयु वर्गों के खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह के साथ स्पर्धाओं में भाग लिया। यह आयोजन मास्टर्स तैराकी में विभिन्न आयु श्रेणियों के प्रतिभागियों को प्रतिस्पर्धा का अवसर देने के लिए आयोजित किया गया।

प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों की संख्या और आयु संबंधी विवरण नरेश सचदेवा द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित हैं।

नरेश सचदेवा ने पत्नी गीता और परिवार के सहयोग को सराहा

अपनी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए नरेश कुमार सचदेवा ने पत्नी गीता सचदेवा की भूमिका को खास बताया। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी ने उन्हें और उनके बेटे भरत को प्रेरित करने, प्रोत्साहित करने और उनकी देखभाल करने में बड़ी भूमिका निभाई।

उन्होंने अपने परिवार, रिश्तेदारों और मित्रों के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उनके मुताबिक, इन लोगों ने उनके प्रदर्शन में सहयोग दिया और उपलब्धियों के लिए उन्हें सम्मानित किया।

नरेश सचदेवा ने इस मौके पर मिले समर्थन को महत्वपूर्ण बताया। उनके संदेश में परिवार के प्रोत्साहन को प्रतियोगिता में भागीदारी और सफलता से जुड़ा अहम पहलू बताया गया।

आयोजन सचिव सतीश कुमार ने प्रदान किए पदक

नरेश सचदेवा द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, दूसरी एशियन मास्टर्स स्विमिंग चैंपियनशिप में पदक आयोजन सचिव सतीश कुमार ने प्रदान किए। नरेश ने अपने संदेश में प्रतियोगिता के दौरान मिले सम्मान और उपलब्धियों का जिक्र किया।

उनके लिए इस आयोजन की खास बात यह रही कि उन्होंने और उनके बेटे ने अलग-अलग आयु वर्गों में पदक जीते। दोनों की उपलब्धियों में व्यक्तिगत स्पर्धाओं के साथ रिले प्रतियोगिताओं में नरेश के पदक भी शामिल रहे।

नरेश सचदेवा एशियन मास्टर्स स्विमिंग चैंपियनशिप की उपलब्धि

बेंगलुरु में आयोजित इस प्रतियोगिता में नरेश कुमार सचदेवा ने चार स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य सहित छह पदक हासिल किए। उनके बेटे भरत सचदेवा ने पांच कांस्य पदक जीते। इस तरह पिता-पुत्र ने कुल 11 पदकों के साथ प्रतियोगिता में अपनी उपलब्धि दर्ज कराई। नरेश ने सफलता का श्रेय पत्नी, परिवार, रिश्तेदारों और मित्रों के प्रोत्साहन को दिया।