अनंत सिंह प्रकरण पर RJD, “गद्दारों को उनके कर्मों की सजा मिल रही है”

JDU से अनंत सिंह और नीलम देवी 6 साल के लिए हुए थे बाहर

अनंत सिंह प्रकरण पर तेजस्वी यादव का बयान और RJD में वापसी से इनकार
अनंत सिंह प्रकरण पर तेजस्वी यादव ने RJD में वापसी से इनकार किया, जबकि अनंत सिंह ने पलटवार किया।

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार की राजनीति में अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को जनता दल यूनाइटेड (JDU) से 6 साल के लिए बाहर किए जाने के बाद बयानबाजी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि धोखा देने वालों की हालत सब देख रहे हैं और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में उनकी वापसी का कोई प्रस्ताव नहीं है। वहीं, अनंत सिंह ने पलटवार करते हुए सवाल उठाया कि सम्राट चौधरी की सरकार किसने बचाई थी।

अनंत सिंह प्रकरण पर तेजस्वी यादव का बयान, RJD में वापसी से इनकार

अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को JDU से 6 साल के लिए बाहर किए जाने के बाद बिहार की सियासत में यह मुद्दा चर्चा में है। इस घटनाक्रम पर तेजस्वी यादव ने साफ किया कि RJD की ओर से दोनों की वापसी को लेकर कोई प्रस्ताव नहीं है।

तेजस्वी यादव ने कहा, “धोखा देने वालों की हालत सब देख रहे हैं। हमारी तरफ से कोई प्रस्ताव नहीं है।”

उनके इस बयान को RJD में वापसी की संभावनाओं से जुड़े सवालों के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध समाचार सामग्री में पार्टी की ओर से किसी औपचारिक बातचीत या प्रस्ताव का उल्लेख नहीं है।

RJD ने सोशल मीडिया पर लिखा- गद्दारों को कर्मों की सजा मिल रही

तेजस्वी यादव के बयान के साथ ही RJD ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी इस मामले को लेकर टिप्पणी की। पार्टी ने अपनी पोस्ट में उन नेताओं पर निशाना साधा, जिन्होंने उसके अनुसार RJD को धोखा दिया था।

RJD ने लिखा, “गद्दारों को उनके कर्मों की सजा मिल रही है। जिन्होंने RJD को धोखा दिया, आज वे किस हाल में हैं सब जानते हैं। बुरे कर्म का बुरा परिणाम। ईश्वर की लाठी में आवाज नहीं होती।”

पार्टी की इस टिप्पणी में पुराने राजनीतिक घटनाक्रम का संदर्भ दिखाई देता है। हालांकि, पोस्ट में जिन नेताओं की ओर संकेत किया गया है, उनका नाम इस उद्धृत अंश में अलग से नहीं लिखा गया है।

12 फरवरी 2024 के फ्लोर टेस्ट का तेजस्वी यादव ने किया जिक्र

तेजस्वी यादव ने अपने बयान में 12 फरवरी 2024 को हुए फ्लोर टेस्ट का भी उल्लेख किया। उन्होंने याद दिलाया कि उस दौरान नीलम देवी, प्रहलाद यादव और चेतन आनंद ने पाला बदला था।

तेजस्वी यादव के मुताबिक, उन्होंने उस समय विधानसभा में कहा था, “बात बने या न बने, बाद में जरूर याद करिएगा।”

इस पुराने घटनाक्रम का जिक्र करते हुए तेजस्वी ने मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उनके बयान और RJD की सोशल मीडिया पोस्ट से स्पष्ट है कि पार्टी इस प्रकरण को अपने पुराने राजनीतिक अनुभवों के संदर्भ में देख रही है।

अनंत सिंह का पलटवार, सम्राट चौधरी की सरकार का उठाया मुद्दा

दूसरी ओर, अनंत सिंह ने तेजस्वी यादव और RJD की टिप्पणियों पर पलटवार किया। उन्होंने सम्राट चौधरी की सरकार का जिक्र करते हुए कहा, “सम्राट चौधरी की सरकार किसने बचाई थी? हमने ही गद्दारी की थी उनके लिए।”

अनंत सिंह के इस बयान में उन्होंने अपने ऊपर लगाए जा रहे गद्दारी के आरोप पर सवाल उठाया और सरकार बचाने में अपनी भूमिका का दावा किया। इस तरह तेजस्वी यादव के बयान और अनंत सिंह के पलटवार ने इस राजनीतिक विवाद को और चर्चा में ला दिया है।

अनंत सिंह प्रकरण में आगे क्या?

अनंत सिंह और नीलम देवी को JDU से 6 साल के लिए बाहर किए जाने के बाद तेजस्वी यादव ने RJD में वापसी की संभावना से इनकार किया है। RJD ने सोशल मीडिया पर तीखी टिप्पणी की, जबकि अनंत सिंह ने सम्राट चौधरी की सरकार का मुद्दा उठाकर जवाब दिया। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी में RJD की ओर से वापसी का कोई प्रस्ताव सामने नहीं आया है। (Expose India)

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