चित्रकूट के अशोह गांव में खाली प्लॉट में मानव अंग मिलने से सनसनी फैल गई। मौके पर गड्ढा, जले कपड़े और संदिग्ध पार्ट्स मिले, विस्फोट की जांच जारी है।

नई दिल्ली/अमर भारती। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में एक खाली प्लॉट में मानव शरीर के अंग मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। पहाड़ी थाना क्षेत्र के अशोह गांव के पास सोमवार को पुलिस को एक प्लॉट में एक जला हुआ पैर और मानव शरीर के अन्य अवशेष मिले। प्रारंभिक जांच में मौके पर विस्फोट होने की बात सामने आई है। आशंका जताई जा रही है कि विस्फोट में किसी युवक के शरीर के चीथड़े उड़ गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने घटनास्थल को घेरकर जांच शुरू कर दी है। बम निरोधक दस्ते और फोरेंसिक टीम के साथ बांदा और लखनऊ से विशेषज्ञों को भी बुलाया गया है। एनआईए की टीम को भी जांच के लिए बुलाए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, अभी तक मृतक की पहचान नहीं हो सकी है।
प्लॉट में मिला गहरा गड्ढा और जले कपड़े
पुलिस के मुताबिक विस्फोट की घटनास्थल पर करीब तीन फीट गहरा और चार फीट चौड़ा गड्ढा मिला है। इसके आसपास जले हुए कपड़े, मानव शरीर के अवशेष और मशीन या विस्फोटक उपकरण से जुड़े कुछ पार्ट्स मिले हैं। धमाका इतना तेज बताया जा रहा है कि प्लॉट की बाउंड्री को नुकसान पहुंचा। आसपास की दीवारों पर मांस के टुकड़े चिपके मिले, जबकि पेड़ों से पत्तियां तक नीचे गिर गईं। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि घटनास्थल पर विस्फोट की तीव्रता काफी अधिक रही होगी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मौके पर किस तरह की सामग्री मौजूद थी और विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ।
हाईवे के दूसरी तरफ मिला दूसरा पैर
घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर खेत में मानव शरीर का दूसरा पैर भी मिला। पुलिस के मुताबिक विस्फोट के बाद शरीर के हिस्से आसपास के इलाके में दूर-दूर तक जा गिरे होंगे। घास और झाड़ियों के कारण शरीर के अन्य हिस्सों की तलाश में पुलिस को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस की टीमें आसपास के खेतों और प्लॉट के आसपास लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
शनिवार शाम सुना गया था तेज धमाका
स्थानीय लोगों के मुताबिक घटना शनिवार शाम की बताई जा रही है। अशोह गांव में कर्वी-राजापुर हाईवे के किनारे एक बड़ा खाली प्लॉट है, जिसकी देखरेख स्थानीय स्तर पर की जाती है। प्लॉट की देखभाल करने वाले श्यामसुंदर यादव के मुताबिक शनिवार शाम करीब छह बजे वह अपनी पत्नी के साथ बकरियां चरा रहे थे। इसी दौरान उन्हें अचानक तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। विस्फोट की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास मौजूद लोगों ने इसे कई किलोमीटर दूर तक सुना। उस समय लोगों को लगा कि शायद बिजली गिरी है या फिर किसी ने जंगली जानवर के शिकार के लिए विस्फोट किया है। घटना के तत्काल बाद प्लॉट के अंदर जाकर जांच नहीं की गई।
अगले दिन प्लॉट में दिखा जला हुआ पैर
श्यामसुंदर यादव के मुताबिक रविवार देर शाम विस्फोट के बाद जब प्लॉट का गेट खोलकर अंदर गए तो वहां एक जला हुआ और कटा हुआ पैर दिखाई दिया। इसके पास ही जमीन में गहरा गड्ढा भी मिला। बाद में आसपास के चरवाहों से जानकारी मिली कि हाईवे के दूसरी तरफ करीब 200 मीटर दूर खेत में भी शरीर का एक हिस्सा पड़ा है। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पूरे इलाके को घेर लिया और जांच शुरू कर दी।
दीवारों पर चिपके मिले मानव अवशेष
सोमवार को पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और फोरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची। एसपी अरुण कुमार सिंह, सीओ राजापुर फहद अली, पहाड़ी थाना प्रभारी निशिकांत राय, एसओजी प्रभारी एमपी त्रिपाठी समेत पुलिस टीम ने मौके का निरीक्षण किया। जांच के दौरान दीवारों और आसपास के हिस्सों में मानव शरीर के अवशेष मिले। इसके अलावा जले और फटे कपड़े तथा कुछ मशीनरी के पार्ट्स भी बरामद किए गए। पुलिस ने पूरे विस्फोट से साक्ष्य जुटाने का काम शुरू कर दिया है।
विस्फोटक सामग्री के इस्तेमाल के दौरान हादसे की आशंका
पुलिस की प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि विस्फोट से जुड़ी सामग्री को तैयार करने, रखने या उसका इस्तेमाल करने के दौरान हादसा हुआ हो सकता है। हालांकि, पुलिस अभी किसी एक वजह को अंतिम रूप से सही नहीं मान रही है और सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है। एसपी अरुण कुमार सिंह के मुताबिक विस्फोट काफी शक्तिशाली था और मानव शरीर के हिस्से घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर तक पाए गए हैं। पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि घटना के समय मौके पर एक से अधिक लोग मौजूद रहे हों।
लापता लोगों की भी जुटाई जा रही जानकारी
मृतक की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास के थाना क्षेत्रों से पिछले दो दिनों में किसी व्यक्ति के लापता होने से जुड़ी जानकारी जुटा रही है। इसके साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्लॉट में कोई व्यक्ति कब और किस उद्देश्य से पहुंचा था। विस्फोट से मिले कपड़ों और अन्य सामग्री की भी जांच की जा रही है।
बांदा और लखनऊ से विशेषज्ञ बुलाए गए
घटना की गंभीरता को देखते हुए बम निरोधक दस्ते और फोरेंसिक विशेषज्ञों के साथ बांदा और लखनऊ से भी विशेषज्ञों को बुलाया गया है। जांच एजेंसियां विस्फोट से मिले संदिग्ध उपकरणों और अन्य सामान की जांच कर रही हैं।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विस्फोट किस सामग्री से हुआ और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था। फिलहाल पुलिस शरीर के बाकी हिस्सों की तलाश के साथ मृतक की पहचान करने में जुटी है। साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर खाली पड़े प्लॉट में इतनी शक्तिशाली विस्फोटक सामग्री कैसे पहुंची।
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