जंतर-मंतर प्रदर्शन में 3 FIR दर्ज; करीब 1,000 लोग हिरासत में

दो थानों में दर्ज हुईं 3 FIR , BNSS की धारा 163 के तहत लागू थे प्रतिबंध

जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस की कार्रवाई
जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया।

डिजिटल डेस्क, अमर भारती। SIR को लेकर 2 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस ने तीन FIR दर्ज की हैं और करीब 1,000 लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे और SIR में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठा रहे थे।

जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले पुलिस की कार्रवाई

जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर दिल्ली के कई हिस्सों में पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की गई। हिरासत में लिए गए लोगों में राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ छात्र संगठनों और सिविल सोसाइटी से जुड़े लोग भी शामिल थे।

प्रदर्शन का मुद्दा SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़ा था। प्रदर्शनकारी CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे और SIR में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठा रहे थे।

दो थानों में दर्ज हुईं 3 FIR

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इस मामले में पार्लियामेंट स्ट्रीट और कनॉट प्लेस थाने में तीन FIR दर्ज की गई हैं। इनमें भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 223 के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार FIR में किसी व्यक्ति या संगठन को आरोपी के तौर पर नामजद नहीं किया गया है। हालांकि, FIR के विवरण में उन संगठनों और आयोजकों का उल्लेख किया गया है, जिन्होंने प्रदर्शन का आह्वान किया था या उसमें हिस्सा लिया था।

BNS की धारा 223 के तहत कार्रवाई का संबंध सार्वजनिक सेवक द्वारा विधिवत जारी आदेश की अवहेलना से जुड़े मामले से है।

BNSS की धारा 163 के तहत लागू थे प्रतिबंध

जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए थे। पुलिस के अनुसार, सार्वजनिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए ये आदेश लागू किए गए थे।

आदेश के तहत बिना लिखित अनुमति के पांच या उससे अधिक लोगों की सार्वजनिक सभा, जुलूस, प्रदर्शन, धरना, नारेबाजी और भाषण जैसी गतिविधियों पर रोक थी। बैनर, प्लेकार्ड, लाठी, डंडे और अन्य ऐसी वस्तुएं ले जाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया था। पुलिस ने आदेश के उल्लंघन पर BNS की धारा 223 और अन्य लागू प्रावधानों के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी थी।

करीब 1,000 लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शुक्रवार को जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों से करीब 750 लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि दिल्ली के दूसरे हिस्सों से करीब 400 लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। सुबह करीब 200 लोगों को नजरबंद किए जाने की भी बात कही गई। पुलिस अधिकारियों ने कुल मिलाकर करीब 1,000 लोगों को हिरासत में लिए जाने की बात कही।

हिरासत में लिए गए लोगों में AAP नेता और पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी, AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा और स्वराज इंडिया के नेता योगेंद्र यादव के अलावा छात्र संगठनों, कांग्रेस की युवा इकाई और सिविल सोसाइटी से जुड़े लोग शामिल थे।

प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोका गया

पुलिस ने जंतर-मंतर और वहां पहुंचने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की थी। इसके चलते कई प्रदर्शनकारी अलग-अलग स्थानों पर जुटे। पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती के बीच प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर की ओर बढ़ने से रोका गया।

SIR को लेकर क्या था प्रदर्शन का मुद्दा?

प्रस्तावित जंतर-मंतर प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा SIR से जुड़ा था। प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के पुनरीक्षण में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठा रहे थे और इसी के साथ CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन से पहले स्पष्ट किया था कि जंतर-मंतर पर प्रस्तावित सभा या मार्च के लिए अनुमति नहीं दी गई थी। इसी बीच BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू होने का हवाला देते हुए पुलिस ने लोगों से आदेशों का पालन करने की अपील की थी।

जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद 3 FIR

2 अक्टूबर के घटनाक्रम के बाद दिल्ली पुलिस ने तीन FIR दर्ज की हैं। मामले पार्लियामेंट स्ट्रीट और कनॉट प्लेस थानों में दर्ज हुए हैं। FIR में किसी व्यक्ति या संगठन को आरोपी के रूप में नामजद नहीं किया गया है, जबकि प्रदर्शन से जुड़े आयोजकों और संगठनों का उल्लेख मामले के विवरण में किया गया है।

जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के बाद तीन FIR दर्ज हुई हैं और करीब 1,000 लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी पुलिस अधिकारियों ने दी है। मामला SIR को लेकर प्रस्तावित विरोध, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और BNSS की धारा 163 के तहत लागू प्रतिबंधों से जुड़ा है। (Expose India)

यह भी पढ़ें

Captain Smit Machchhar का उपनाम कैसे पड़ा ‘मच्छर’? दिलचस्प है इतिहास

India vs Pakistan Asian Games Final: भारत को लगा पहला झटका, वैभव सूर्यवंशी को अयूब ने भेजा पवेलियन