रांची में JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है। सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल पर समर्थन दिया, जिसके बाद छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने चार दिन का अनशन समाप्त किया।

नई दिल्ली/अमर भारती। झारखंड की राजधानी रांची में JPSC-JSSC छात्र आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्र पिछले 12 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी आंदोलन के तहत छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चार दिनों से आमरण अनशन पर बैठे थे। बुधवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल के जरिए उनसे बातचीत की और उनकी बिगड़ती सेहत पर चिंता जताते हुए अनशन समाप्त करने की अपील की। इसके बाद देवेंद्र नाथ महतो ने अपना अनशन खत्म कर दिया।
वीडियो कॉल पर सोनम वांगचुक ने दिया समर्थन
आंदोलन के दौरान सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल के माध्यम से छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से विस्तार से बातचीत की। उन्होंने छात्रों की मांगों को ध्यान से सुना और आंदोलन के उद्देश्य की सराहना की। साथ ही उन्होंने देवेंद्र की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उनसे अनशन समाप्त करने का आग्रह किया। सोनम वांगचुक के आग्रह के बाद देवेंद्र नाथ महतो ने चार दिनों से जारी अपना अनशन समाप्त कर दिया। बताया गया कि इस दौरान उन्होंने अन्न और जल दोनों का त्याग कर रखा था।
छात्रों ने कहा- सोनम वांगचुक का मिला नैतिक समर्थन
आंदोलन में शामिल छात्रों ने बताया कि सोनम वांगचुक ने उनके संघर्ष का समर्थन किया है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि यह समर्थन आंदोलन को नई ऊर्जा देगा। एक छात्र ने कहा कि वे सोनम वांगचुक के संघर्ष से प्रेरित हैं और यदि सरकार जल्द उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। छात्रों ने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में छात्र भूख हड़ताल पर बैठ सकते हैं।
7 अगस्त को विधानसभा घेराव की तैयारी
छात्र संगठनों ने घोषणा की है कि 7 अगस्त को झारखंड विधानसभा का घेराव किया जाएगा। आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो विरोध प्रदर्शन और तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारी छात्र जीवन कुमार ने बताया कि आंदोलन का यह 12वां दिन है और विभिन्न छात्र संगठनों के साथ-साथ कई राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी समर्थन देने पहुंच सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोर कमेटी की बैठक में ‘तिरंगा मार्च’ सहित आगामी रणनीति पर चर्चा की जाएगी। छात्रों के अनुसार, आंदोलन को पूरे राज्य में फैलाने की तैयारी की जा रही है और विधानसभा सत्र के दौरान हजारों छात्र रांची पहुंचकर प्रदर्शन करेंगे।
क्या हैं छात्रों की प्रमुख मांगें?
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि 14वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा, JSSC CGL परीक्षा और अन्य भर्ती परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। उनकी प्रमुख मांगें हैं-
- 14वीं JPSC और JSSC CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की CBI और ED से जांच कराई जाए।
- भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जाए।
- जांच पूरी होने तक 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द किया जाए।
- परीक्षा प्रक्रिया में शामिल एजेंसियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
परीक्षा परिणाम और एजेंसी पर उठे सवाल
आंदोलनकारी छात्रों का दावा है कि परीक्षा परिणाम में कई गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं। उनका आरोप है कि एक अभ्यर्थी ने 300 में से 299 अंक प्राप्त किए, फिर भी उसका चयन नहीं हुआ, जबकि कुछ अन्य अभ्यर्थियों के कम प्रश्न सही होने के बावजूद उनका चयन कर लिया गया।
छात्रों ने परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि एजेंसी पहले से ही ओएमआर शीट से जुड़ी कथित गड़बड़ियों के कारण जांच के दायरे में रही है।
सरकार के रुख से छात्र नाराज
आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि राज्य सरकार ने अब तक उनकी मांगों पर संतोषजनक जवाब नहीं दिया है। उनका आरोप है कि सरकार भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के बजाय मामले को टालने की कोशिश कर रही है। गौरतलब है कि कथित अनियमितताओं और चल रही जांच के बीच झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने 14वीं संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा सहित कुल नौ परीक्षाओं को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है। इसके बावजूद छात्र निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।
यहां भी पढ़ें-
Punjab Terror Module Busted: ISI समर्थित संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश, 9 गिरफ्तार
Azamgarh Tanker Fire: आजमगढ़ में डीजल टैंकर बना आग का गोला, हादसे में ड्राइवर समेत 3 की मौत