कासगंज में पंचायत सचिव पर प्रशासक को धमकाने और जातिसूचक शब्द कहने का आरोप, सीडीओ से शिकायत

रिपोर्ट: कासगंज | बोबी ठाकुर

कासगंज। जिले के पटियाली ब्लॉक की ग्राम पंचायत दरियावगंज में ग्राम प्रशासक और पंचायत सचिव के बीच विवाद का मामला सामने आया है। ग्राम प्रशासक भगवान दास ने पंचायत सचिव दलवीर सिंह पर अभद्र व्यवहार करने, जातिसूचक शब्द कहने और विकास कार्यों में मनमानी करने का आरोप लगाया है। प्रशासक ने मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को प्रार्थना पत्र देकर सचिव को हटाने और मामले की निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की है।

ग्राम प्रशासक भगवान दास की ओर से दिए गए शिकायती पत्र के मुताबिक, पंचायत सचिव दलवीर सिंह की नियुक्ति 30 जून 2026 को ग्राम पंचायत दरियावगंज में हुई थी। इसके बाद से ही विकास कार्यों को लेकर दोनों के बीच मतभेद होने लगे। प्रशासक का आरोप है कि पिछले तीन महीने से वह गांव में अधूरे विकास कार्यों को पूरा कराने और नए कार्य शुरू कराने के लिए सचिव से कह रहे हैं, लेकिन उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

पंचायत भवन में अभद्रता का आरोप

शिकायत के अनुसार, पंचायत भवन में विकास कार्यों को लेकर बातचीत के दौरान सचिव ने कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और जातिसूचक शब्द कहे। प्रशासक का आरोप है कि सचिव ने यह भी कहा, “मेरा बेटा भाजपा से ब्लॉक प्रमुख है, मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते।” आरोप है कि सचिव ने अपनी मर्जी से काम करने की बात कहते हुए प्रशासक की आपत्तियों को भी नजरअंदाज किया।

भगवान दास का कहना है कि ग्राम पंचायत में विकास कार्यों को समय से पूरा कराना और जनहित से जुड़े मामलों को उठाना उनकी जिम्मेदारी है। ऐसे में यदि विकास कार्यों में लापरवाही या मनमानी होती है, तो उस पर सवाल उठाना उनका अधिकार है।

सीडीओ ने जांच के दिए निर्देश

मामले को लेकर ग्राम प्रशासक ने सीडीओ को शिकायती पत्र सौंपकर पंचायत सचिव को हटाने, आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई करने की मांग की है।

मुख्य विकास अधिकारी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि दरियावगंज के ग्राम प्रशासक भगवान दास की ओर से पंचायत सचिव के खिलाफ शिकायती पत्र दिया गया है। शिकायत के आधार पर मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में दोषी पाए जाने पर नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। पंचायत सचिव दलवीर सिंह का पक्ष सामने आने के बाद ही विवाद के सभी पहलुओं की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।