चैतन्य त्रिपाठी

लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में 21 सितंबर को न्यू ट्रायेज के शौचालय में नवजात शिशु का शव मिलने के मामले की विस्तृत जांच के लिए उच्चस्तरीय आंतरिक जांच समिति गठित की गई है। नवजात का शव 21 सितंबर की सुबह करीब 9:50 बजे न्यू ट्रायेज के शौचालय में मिला था। इसके बाद संस्थान में हुए घटनाक्रम को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है।
गठित समिति नवजात का शव शौचालय तक किन परिस्थितियों में पहुंचा, इसकी पूरी पड़ताल करेगी। साथ ही मामले से जुड़े नियमित, संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। समिति संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ कर घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की जानकारी जुटाएगी।
कथित बल प्रयोग के आरोप भी जांच के दायरे में
मामले में पूछताछ के दौरान सुरक्षा अधिकारियों द्वारा कथित रूप से बल प्रयोग किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं। जांच समिति इन आरोपों की भी पड़ताल करेगी। इसके लिए संबंधित पक्षों के बयान और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जाएगी।
संस्थान प्रशासन के अनुसार, जांच समिति को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
दो सहायक सुरक्षा अधिकारियों को कार्यों से विरक्त किया
जांच पूरी होने तक पूछताछ के दौरान कथित रूप से बल प्रयोग के मामले में सहायक सुरक्षा अधिकारियों डॉ. राजेश कुमार यादव और सुरजीत सिंह को संस्थान के कार्यों से विरक्त कर दिया गया है। प्रशासन के अनुसार, जांच समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई तथ्यों के आधार पर की जाएगी।