कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण ने दी आहुति, समाजसेवियों का हुआ सम्मान
पालिकाध्यक्ष ने की महर्षि दयानन्द की भव्य प्रतिमा व पार्क निर्माण की घोषणा कोसीकलां। आर्य समाज के 88 वें वार्षिकोत्सव का रविवार को धूमधाम से समापन हुआ। इस अवसर पर प्रातः विश्व कल्याण और नगर की सुख-समृद्धि के लिए 21 कुंडीय महायज्ञ का आयोजन किया गया। वैदिक प्रवक्ता आचार्य संजय याजिक के ब्रह्मात्व में आयोजित इस महायज्ञ में नगर के 84 जोड़ों व गणमान्य नागरिकों ने वेदमंत्रों के बीच आहुतियां दीं। महायज्ञ में विशेष रूप से शामिल हुए उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री चौ. लक्ष्मीनारायण ने प्रदेश की सुख-शांति की कामना की। इस दौरान भाजपा नेता तरुण सेठ, सुनील शेरगढिया, वेद प्रकाश मित्तल, राजेन्द्र आर्य, अंकित मालवीया, ललित एडवोकेट, जेपी मिश्रा, भानु प्रताप ठाकुर, देशबंधु अग्रवाल और कन्हैया लाल गोयल सहित अनेक श्रद्धालुओं ने आहुति दी। पूर्णाहुति व शांति पाठ के बाद आर्य समाज के संरक्षक ओमप्रकाश आर्य, प्रधान डॉ. प्रकाश आर्य, मंत्री सुरेंद्र आर्य व प्रबंधक नरेंद्र आर्य ने कैबिनेट मंत्री को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण ने कहा कि यज्ञ सांसारिक सुखों का आधार है और स्वामी दयानन्द सरस्वती ने पाखंड मिटाकर समाज को नई दिशा दी। वहीं, मंच से घोषणा करते हुए पालिकाध्यक्ष धर्मवीर अग्रवाल ने अग्रसेन चौराहे के सामने महर्षि दयानंद मार्ग के समीप महर्षि दयानंद की भव्य प्रतिमा लगाने और एक सुंदर पार्क विकसित करने का ऐलान किया, जिसकी समाज के लोगों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की। इसके अलावा महायज्ञ के ब्रह्मा आचार्य संजय याजिक और प्रमुख उपदेशक आचार्य डॉ. कपिल मलिक ने सामूहिक यज्ञ के महत्व पर प्रकाश डाला। शाम की सभा में भजनोपदेशकों ने स्वामी दयानन्द के दस नियमों को जीवन में उतारने का आह्वान किया। वक्ताओं ने योगिराज श्रीकृष्ण के वास्तविक और सत्य चरित्र को रेखांकित करते हुए बताया कि महर्षि दयानन्द ने ‘सत्यार्थ प्रकाश’ के ग्यारहवें समुल्लास में श्रीकृष्ण पर लगे मिथ्या आरोपों का खंडन कर उनके वेदानुकूल व गौरवशाली चरित्र को समाज के सामने रखा। कार्यक्रम में सहयोग करने वाले सभी समाजसेवियों व अतिथियों को भी सम्मानित किया गया।