विपक्ष ने दक्षिण राज्यों के साथ भेदभाव की आशंका जताई, वेणुगोपाल-अखिलेश के साथ अमित शाह की बहस

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भारत की राजनीति इन दिनों संसद में पेश हो रहे तीन में से दो बिलों ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ और ‘डिलिमिटेशन बिल’ 2026 को लेकर माहौल गर्माया हुआ है. 17 अप्रैल 2026 दिन शुक्रवार को भी विशेष सत्र में जोरदार बहस जारी है. सदन में गृहमंत्री अमित शाह इस वक्त महिला आरक्षण के बारे में सदन में अपनी बात रख रहे हैं जिसको लेकर विपक्षी दलों और अमित शाह के बीच गर्मागर्म बहस भी हुई. केसी वेणुगोपाल ने शाह को महिला आरक्षण को तैंतीस से पचास प्रतिशत करने को कहा तो अमित शाह ने जवाब में कहा कि सदन एक घंटे का समय दे तो हमारी सरकार यह भी करके दिखा देगी.
वहीं अखिलेश यादव ने कहा कि 11 वर्ष के शासनकाल को समझने के बाद बीजेपी अगर कागज़ पर लिखकर भी देगी कि किसी महिला को वह प्रधानमंत्री बना देगी तो उस पर भी भरोसा करना मुश्किल होगा.
अमित शाह – पहले मंत्रिमंडल में 10 महिलाएं चुनकर आईं थीं जिसमें सुषमा स्वराज, उमा भारती ,वसुंधरा राजे, आनंदीबेन पटेल जैसी महिलाएं शामिल थीं.

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सदन के पटल पर दो तिहाई आंकड़ा न छूने पर लोकसभा में गिर गया महिला शक्ति वंदन अधिनियम. आपको बता दें कि कुल 528 वोट पड़े हैं जिनमें पक्ष में 298 और विपक्ष में 230 वोट पड़े. यह आंकड़ा पहले 211 था बाद में बढ़कर 230 पहुंच गया. सरकार ने तीनों विधेयक वापस लिए.